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मुरादाबाद में तेंदुओं का आतंक! नलकूप की छत पर एक साथ दिखे 3, ग्रामीणों में दहशत

UP News: मुरादाबाद के कांठ-ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है. सिकंदराबाद गांव के पास एक नलकूप की कोठरी की छत पर रात में एक साथ तीन तेंदुए दिखाई दिए. इस दौरान इलाके में तेज बारिश हो रही थी. कुछ ग्रामीणों ने छत पर बैठे तेंदुओं को देखा और मोबाइल से उनका वीडियो बना लिया.

मुरादाबाद में तेंदुओं का आतंक! नलकूप की छत पर एक साथ दिखे 3, ग्रामीणों में दहशत
Image Credit: Moradabad Leopard

आकाश शर्मा/मुरादाबाद: मुरादाबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए की दहशत एक बार फिर गहरा गई है. कांठ तहसील क्षेत्र के समदगढ़ उर्फ सिकंदराबाद गांव में एक साथ तीन तेंदुए देखे जाने से हड़कंप मच गया है. बरसात के मौसम में खेतों में पानी भरने के बाद तीनों तेंदुए निकलकर एक ट्यूबवेल (नलकूप) की कोठरी की छत पर जाकर बैठ गए.  ग्रामीणों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल पैदा हो गया है.

बरसात के बाद खेतों से बाहर आ रहे वन्यजीव
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया है. इसके चलते तेंदुए और अन्य जंगली जानवर अपना ठिकाना बदलकर नलकूपों और पक्के मकानों की ओर रुख कर रहे हैं. सिकंदराबाद गांव में जब ग्रामीणों ने नलकूप की छत पर तीन तेंदुओं को एक साथ आराम फरमाते देखा, तो उनके हाथ-पांव फूल गए. कुछ साहसी गांव वालों ने दूर से ही इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया.

क्षेत्र में 4 लोगों की जा चुकी है जान, 2 दर्जन घायल
ग्रामीणों के इतने ज्यादा सहमे होने की वजह इलाके में तेंदुए के हमलों का पुराना और खौफनाक इतिहास है.  कांठ और ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्रों में तेंदुओं के हमलों के कारण अब तक 4 लोगों की अकाल मौत हो चुकी है, जबकि 24 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. यही कारण है कि लोग अब खेतों में काम करने जाने या शाम के समय घरों से बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं.

वन विभाग का आंकड़ा: 23 तेंदुओं का हो चुका है रेस्क्यू
इलाके में तेंदुए की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग लगातार कॉम्बिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है. विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक क्षेत्र से कुल 23 तेंदुओं को रेस्क्यू किया जा चुका है. इसमें शामिल हैं...

19 जीवित तेंदुए (जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगलों में छोड़ा गया)
1 शावक (बच्चा)
3 तेंदुओं के शव (विभिन्न कारणों से हुई मौत)

बड़ी संख्या में रेस्क्यू के बावजूद एक साथ तीन तेंदुओं का दोबारा देखा जाना यह स्पष्ट करता है कि क्षेत्र में अभी भी कई तेंदुए सक्रिय हैं. ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द से जल्द गांव के आसपास पिंजरा लगाकर तेंदुओं को पकड़े जाने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी के आसपास तेंदुओं की लगातार चहलकदमी से लोगों को खेतों की ओर जाने में डर लग रहा है.

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Preeti Chauhan

Preeti Chauhan

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
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