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संभल दंगे में मुल्ला अफरोज को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट ने NSA हटाया, जेल से आएगा बाहर?

Sambhal News: सुप्रीम कोर्ट ने संभल दंगे के आरोपी मुल्ला अफरोज पर लगाया गया एनएसए को हटाने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर परिवार में खुशी का माहौल है.

संभल दंगे में मुल्ला अफरोज को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट ने NSA हटाया, जेल से आएगा बाहर?
Image Credit: Mulla Afroz

सुनील सिंह/संभल: संभल दंगे के आरोपी मुल्ला अफरोज पर लगाया गया NSA सुप्रीम कोर्ट के रद्द किए जाने के बाद परिवार भावुक हो गया. मुल्ला अफरोज के भाई शहरोज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उनके परिवार को राहत मिली है. उनका भाई अफरोज पिछले 20 महीने से जेल में बंद है. आरोप लगाते हुए कहा कि एक ही घटना के मामले में उनके भाई पर 6 केस लगा दिए गए, जबकि पुलिस के पास कोई ठोस सुबूत नहीं है.

परिवार में खुशी का माहौल 
शहरोज ने शासन और प्रशासन से अपील करते हुए कहा है कि मेरा भाई मुल्ला अफरोज बेगुनाह है. शहरोज ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. उधर, विवादित जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है. सदर जफर अली ने कहा है  कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से संभल दंगे के अन्य आरोपियों पर लगाया गया NSA हटाये जाने के मामले कानूनी लाभ मिलेगा.

पुलिस प्रशासन के दावे टिक नहीं पाए
विवादित जामा मस्जिद के सदर जफर अली संभल दंगे के मामले में खुद भी आरोपी है. वह हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर है. विवादित जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने पुलिस कस्टडी में दिए गए बयानों के आधार पर मुल्ला अफरोज पर NSA की गलत कार्रवाई की थी. पुलिस प्रशासन के दावे कोर्ट में टिक नहीं पाए. उमीद है बाकी आरोपियों पर भी लगा NSA रद्द होगा. 

इमरान मसूद ने भी फैसले का स्वागत किया 
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने संभल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि देर-सवेर ऐसे सभी मामलों में अदालत के आदेश सामने आएंगे. उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा और अधिकारियों को भी कानून व संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए. इमरान मसूद ने कहा, “देर-सवेर ये सारे आदेश आएंगे. ये सहारनपुर का भी आदेश आना है. अंधेरगर्दी नहीं है. कानून काम करेगा अपना.”

अधिकारियों को कानून का ख्याल रखना चाहिए 
कांग्रेस सांसद ने कहा कि अधिकारियों को किसी “पर्टिकुलर एजेंडे” के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि अधिकारियों को कानून का ख्याल रखना चाहिए. इमरान मसूद ने कहा, “संविधान ने ही आपको उस कुर्सी पर बैठाया है. संविधान अगर आपको कुर्सी पर बैठा सकता है तो संविधान आपको जेल में भी डाल सकता है, अगर आप गैरकानूनी काम करेंगे.”

इमरान मसूद ने भी सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही 
बता दें कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने संभल हिंसा मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज की NSA के तहत निवारक हिरासत रद्द करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर भी इमरान मसूद पहले सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह चुके हैं.

 

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About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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