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Shiva Sharma Murder Case/ सैयद हुसैन अख्तर(रायबरेली): लखनऊ के शिवा शर्मा मर्डर केस में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. इस हत्याकांड की मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाशी पुलिस ने तेज कर दी गई है. पुलिस ने उसकी कार बरामद कर ली है. बरामद कार से वह फरार हुई थी. बताया जा रहा है कि श्रद्धा बहराइच के रास्ते नेपाल भागी थी और पुलिस कभी भी उसकी गिरफ्तारी का कर सकती है.
मॉडल श्रद्धा दुबे को लेकर बड़ा खुलासा
जांच में यह भी सामने आया है कि श्रद्धा का सफर मॉडलिंग से होते हुए अपराध की दुनिया तक कैसे पहुंचा? रायबरेली के रामजीपुरम में रहने वाले उसके पिता इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्री में इंजीनियर थे. वह कभी नहीं सोचते थे कि उनकी बेटी का नाम बड़े-बड़े गैंगस्टरों के साथ जुड़ेगा. हैदराबाद से मॉडलिंग की पढ़ाई के बाद लखनऊ के पावर कॉरिडोर तक पहुंची श्रद्धा के संपर्क सीधे माफिया मुख्तार अंसारी गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं. वह मुख्तार अंसारी गैंग से संपर्क होने का दावा कर लोगों को धमकाती थी. इसके लिए गैंग के लोगों से फोन भी करवाती थी.
कई हिस्ट्रीशीटर्स और राजनेताओं से थे संबंध
उसके कई हिस्ट्रीशीटर्स और राजनेताओं से संबंध थे. श्रद्धा गैंगस्टर्स से दोस्ती करती थी और उनके नाम व नेटवर्क का इस्तेमाल कर लोगों पर धौंस जमाती थी. पुलिस की जांच में लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ बाबू सिंह के साथ भी उसके कनेक्शन का खुलासा हुआ है. सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीर मौजूद है. बाबू सिंह को मुख्तार अंसारी गैंग का गुर्गा बताया जाता है. आरोप है कि मड़ियांव, अलीगंज और आसपास के इलाकों में उसका दबदबा है.
इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्री में इंजीनियर थे पिता
उधर, शिवा शर्मा हत्याकांड के बाद रायबरेली की श्रद्धा दुबे की पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ है. डर के मारे लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए हैं और कोई भी इस पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं है. यहां तक कि ज़ी मीडिया का कैमरा देखकर कॉलोनी के लोग अपने गेट बंद कर ले रहे हैं. ऑफ कैमरा कॉलोनी के लोगों ने जो बताया, उसके मुताबिक इंडियन टेलीफोन इंडस्ट्री में श्रद्धा के पिता इंजीनियर के तौर पर तैनात थे. लगभग 20- 25 साल पहले उन्होने यहां के रामजीपुरम में मकान बनवाया था. तब श्रद्धा और रश्मि छोटी बच्चियां थीं और पास ही मदर टेरेसा स्कूल में पढ़ती थीं.
रायबरेली से नाता तोड़ लखनऊ में बनाया ठिकाना
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रायबरेली में पढ़ाई खत्म कर रश्मि किसी कोर्स के सिलसिले में वाराणसी चली गई. जबकि, श्रद्धा ने हैदराबाद जाकर वहां से मॉडलिंग का कोर्स किया. कुछ दिन बाद श्रद्धा को एक बच्चा हुआ, जो थोड़ा ही बड़ा हुआ तो पति-पत्नी में अनबन हुई और वह पिता के साथ चला गया. इधर, श्रद्धा अपने पिता के पास वापस रायबरेली में रहने लगी. सूत्रों के मुताबिक, यहीं के राजनेता के बेटे से इसके संबंध हुए और उसने श्रद्धा को लखनऊ के पावर कॉरिडोर तक पहुंचा दिया. यहां के बाद श्रद्धा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और उसने रायबरेली से नाता तोड़कर लखनऊ में रहने लगी.
पिता के बीमार होने पर आईं थीं दोनों बहनें
इधर परिजनों ने श्रद्धा को समझाया बुझाया भी, लेकिन वह उसी राह पर चलते हुए अपनी छोटी बहन रश्मि दुबे को भी विश्वास में लेकर लखनऊ में ही उसका भी ठिकाना बनवा दिया. बताया जा रहा है कि अब से तकरीबन 6-7 महीने पहले श्रद्धा के पिता एसपी दुबे की तबियत खराब हुई थी, तब दोनों बहनें फॉर्च्यूनर से आई थीं. उसके बाद से दोनों बहने यहां देखी नहीं गईं.
माफिया से रिश्ता, लग्जरी कारों का शौक और नेपाल बॉर्डर तक फैली भागदौड़ के बीच अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. इस आपराधिक नेटवर्क की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, यह मामला और भी ज्यादा उलझता जा रहा है, जिस पर देश भर की निगाहें टिकी हुई हैं.