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Shiva Sharma Murder Case: लखनऊ के कैफे ओनर शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस का शिकंजा आरोपियों पर तेजी से कसता जा रहा है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करवा लिया है. पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा का साफ कहना है कि हत्यारोपियों के खिलाफ पर्याप्त और ठोस साक्ष्य हाथ लगे हैं. श्रद्धा के जारी वीडियो से पुलिस की कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी.
नेपाल प्रशासन के संपर्क में पुलिस
पुलिस जांच में सामने आया था कि वारदात के बाद मुख्य आरोपी श्रद्धा अपनी स्कार्पियो को बहराइच के रूपईडीहा के एक पार्किंग में छोड़कर साथियों के साथ नेपाल फरार हो गई थी. टोल और अन्य सीसीटीवी फुटेज में उसे नेपाल की सीमा पार करते हुए भी देखा गया है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ पुलिस की दो टीमें नेपाल प्रशासन के संपर्क में हैं. पुलिस सूत्रों की मानें तो श्रद्धा अपने दो दोस्तों की मदद से नेपाल पहुंची और उनकी बताई जगह पर रुकी.
पुलिस ने उन मददगारों का पता लगाकर एक शख्स से पूछताछ भी शुरू कर दी है, जिससे जल्द ही आरोपियों के ठिकाने का बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है.
आरोपितों की संपत्ति चिन्हित कर कुर्की की तैयारी
पुलिस ने श्रद्धा, रश्मि और तनवीर पर पहले ही 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था. अब पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसते हुए इनकी संपत्तियों को चिन्हित कर लिया है और जल्द ही कुर्की की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी है. हालांकि, इस मामले में नामजद चौथे आरोपी आदिल के खिलाफ फिलहाल सीधे तौर पर आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है, और पुलिस उसके संलिप्तता के पहलुओं की जांच कर रही है.
वीडियो जारी कर उलझी आरोपी श्रद्धा
पिछले दो दिनों में फरार चल रही श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी कर कई दावे किए हैं. एक वीडियो में उसने किसी भी बड़े अधिकारी से संपर्क होने से इनकार किया, तो दूसरे वीडियो में शिवा की मौत को आत्महत्या करार दिया. हैरानी की बात यह है कि उसके बयानों में लगातार विरोधाभास देखा गया. एक वीडियो में उसने खुद को शिवा के बाथरूम जाने और दरवाजा बंद होने की बात कही, तो दूसरे में वीडियो में कहा कि उसकी बहन रश्मि ने शिवा को बाथरूम जाते देखा था.
इन वीडियो के सामने आते ही मृतक शिवा शर्मा की मां ने कहा है कि उन्होंने पुलिस को सभी पुख्ता साक्ष्य सौंप दिए हैं और उन्हें अब कानून पर पूरा भरोसा है. बहरहाल, पुलिस के हाथ लगे डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर यह तय माना जा रहा है कि नेपाल में छिपे आरोपियों की मुश्किलें बहुत जल्द और बढ़ने वाली हैं.