शाहजहांपुर कोर्ट की हवालात बनी 'मौत की जगह': पेशी पर आए बंदी ने लगाई फांसी, सुरक्षा पर उठे सवाल
Shahjahanpur News: शाहजहांपुर में कोर्ट हवालात में पेशी पर लाए गए एक बंदी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद से पूरे न्यायालय परिसर और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. मृतक बंदी की पहचान दीपक के रूप में हुई है. इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
Shahjahanpur News/ शिव कुमार: शाहजहांपुर में कोर्ट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पेशी पर लाए गए एक बंदी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. इस घटना से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई. बताया जा रहा है कि कड़ी सुरक्षा और पहरेदारी के बीच हवालात के शौचालय में उसने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली. मृतक बंदी का नाम दीपक बताया जा रहा है, जिसे कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था. इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा और सुरक्षा तंत्र की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. सभी पहलुओं पर गहनता से पड़ताल हो रही है. जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
शौचालय में लटकता मिला बंदी का शव
यह वारदात थाना सदर बाजार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोर्ट परिसर हवालात की है. मृतक पॉक्सो एक्ट का आरोपी था. जानकारी के मुताबिक, आज पेशी पर लाए गए बंदी दीपक को सुनवाई से पहले हवालात में रखा गया था. इसी दौरान वह शौच के बहाने अंदर गया और वहां फंदे से लटक गया. काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला, तब जाकर पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए. आनन-फानन में दरवाजा खोला गया तो अंदर दीपक का शव लटकता मिला.
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने में जुट गई. अदालत परिसर, जिसे जिले का सबसे संवेदनशील और सुरक्षित इलाका माना जाता है, वहां हवालात के अंदर बंदी का खुदकुशी कर लेना पुलिस की भारी लापरवाही को उजागर कर रहा है. सीधे तौर पर व्यवस्था से बड़े सवाल उठ रहे हैं. पुलिस अभिरक्षा में हुई इस मौत ने साफ कर दिया है कि कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं बहुत बड़ी गड़बड़ी है.
जांच के बाद होगी जिम्मेदारों पर कार्रवाई
सूचना के बाद मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने मौका-ए-वारदात से अहम सुराग जुटाए हैं और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन सवाल वही हैकड़ी पहरेदारी के बीच हुई इस बड़ी चूक और लापरवाही पर जिम्मेदार अफसरों की जवाबदेही कब तय होगी? वही वकीलों के बार सेंट्रल संघ एसोसिएशन ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल पुलिस ने तहरीर लेकर मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
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