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Amroha Fake Birth Certificates/ विनीत अग्रवाल: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में साइबर जालसाजों ने प्रशासनिक व्यवस्था को खुली चुनौती दी है. उन्होंने यहां एक बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है. हैकर ने जोया ब्लॉक की ग्राम पंचायत तोफापुर के ग्राम पंचायत सचिव अमरजीत सिंह की आईडी को हैक कर लिया. उसके बाद छह और सात अक्टूबर को महज दो दिनों में 498 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए.
इस खेल का खुलासा तब हुआ, जब बुधवार को सचिव ने अपनी आईडी खोली. इस चौंकाने वाले खुलासे ने स्थानीय प्रशासन से लेकर शासन तक में हड़कंप मचा दिया है.
आईडी हैक कर 498 फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जारी
इस फर्जीवाड़े का दायरा सिर्फ एक जिले या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार 18 अलग-अलग राज्यों से जुड़े हैं. जारी किए गए सर्टिफिकेट्स में सबसे ज्यादा 270 उत्तर प्रदेश, 72 बिहार, 53 झारखंड, 17 हरियाणा और 15 पश्चिम बंगाल के लोगों के नाम पर हैं. कुछ ऐसे भी बर्थ सर्टिफिकेट जारी हुए हैं, जिनके राज्य स्पष्ट नहीं हैं. हैरानी की बात यह है कि जालसाजों ने कागजों पर वर्ष 1939, 1940, 1945 और 1950 में जन्मे लोगों के भी नए बर्थ सर्टिफिकेट धड़ल्ले से जारी कर दिए.
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के चंदौली, फर्रूखाबाद, कानपुर देहात, सिद्धार्थनगर, बलिया, प्रतापगढ़ जिले के लोगों के बर्थ सर्टिफिकेट जारी हुए हैं.
अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश
इन सभी फर्जी सर्टिफिकेट्स को जारी करने के लिए ओटीपी सिर्फ दो मोबाइल नंबरों पर भेजे गए थे, जिससे यह साफ है कि इसके पीछे किसी शातिर और बड़े गिरोह का हाथ है. इस मामले का खुलासा होते ही सनसनी फैल गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी अश्विनी मिश्र ने जिला पंचायत राज अधिकारी को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने पुलिस से संपर्क करने और मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं.
डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने दिए जांच के आदेश
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत सचिव अमरजीत सिंह ने एक सप्ताह से अपनी UP044775RE नंबर की आइडी नहीं खोली थी. इस आइडी से वह बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट जारी करते हैं. इसी बीच 6 और 7 अक्टूबर को हैकर ने उनकी आइडी हैक कर ली. जिसके बाद उन्होंने 498 बर्थ सर्टिफिकेट जारी कर दिए. इस मामले में जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने जांच के आदेश दिए हैं.
पहले भी हो चुका है ऐसा फर्जीवाड़ा
हैरानी की बात यह है कि अमरोहा में ऐसा फर्जीवाड़ा पहली बार नहीं हुआ है, 2022 में भी इसी जोया ब्लॉक के एक अन्य गांव और सीएचसी की आईडी हैक कर ऐसे ही फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए गए थे. फिलहाल, पुलिस और साइबर सेल उन दो मोबाइल नंबरों और गिरोह की तलाश में जुट गई है, जिन्होंने इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है.