फरार श्रद्धा दुबे का एक और राजफाश: साइबर ठगी के पैसों से खरीदी गई लग्जरी कार, अब भी थाने में है कैद
सहारनपुर में करीब दो साल पहले एक बड़े साइबर ठगी का पर्दाफाश हुआ था. मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इस मामले में ठगी की रकम से खरीदी गई एक लग्जरी कार अब चर्चा में है. यह कार 25 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे के नाम पर रजिस्टर्ड है. इसका पंजीकरण दिल्ली के महिपालपुर में हुआ था.
सहारनपुर, नीना जैन: लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में 25 हजार रुपये की इनामी मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे के तार अब सहारनपुर के एक बड़े साइबर ठगी से जुड़ते नजर आ रहे हैं. सहारनपुर में करीब दो साल पहले हुए लाखों रुपये के साइबर फ्रॉड में पुलिस ने एक लग्जरी कार को सीज किया था. अब यह लग्जरी स्कोडा कार अचानक सुर्खियों में आ गई है. जांच में सामने आया है कि साइबर ठगी के पैसों से खरीदी गई यह कार किसी और के नहीं, बल्कि श्रद्धा दुबे के नाम पर ही रजिस्टर्ड है.
ठगी की रकम से खरीदी गई थी लग्जरी कार
सहारनपुर साइबर क्राइम थाने की कस्टडी में खड़ी दिल्ली नंबर की स्कोडा कार (DL 6CM 3920) का पंजीकरण दिल्ली के महिपालपुर में श्रद्धा दुबे के नाम पर कराया गया था. बताया जा रहा है कि सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार को सीज किया था और यह आज भी साइबर थाने की कस्टडी में खड़ी है. इस मामले में अंकित जायसवाल का नाम सामने आया था. जानकारी मिली थी कि अंकित ने ठगी की रकम से स्कोडा कार खरीदी थी और इसे अपनी महिला सहयोगी श्रद्धा दुबे को दिया था. पुलिस ने जांच के दौरान कार को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया था.
सर्जन डॉक्टर से हुई थी 90 लाख से अधिक की ठगी
इस मामले में खास बात यह है कि ठगी की रकम से खरीदी गई इस कार का रजिस्ट्रेशन आज भी श्रद्धा दुबे के नाम पर है. कार सहारनपुर साइबर क्राइम थाने में खड़ी है. यह पूरा मामला 2024 में सहारनपुर के एक डॉक्टर से हुई साइबर ठगी से जुड़ा है. आरोपियों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बकाया बिलों का भुगतान कराने का झांसा देकर सर्जन डॉ. प्रभात कुमार वर्मा से करीब 90.59 लाख रुपये की ठगी की थी.
लखनऊ से हुई थी गिरफ्तारियां, खुली थीं परतें
शिकायत मिलने के बाद सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस की टीम लखनऊ पहुंची और दिसंबर 2024 में अंकित जायसवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इस कार्रवाई के बाद ठगी की रकम और उससे खरीदी गई संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई. उस दौरान ही पुलिस ने इस कार को बरामद कर अपने कब्जे में लिया था.