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राजवीर चौधरी/बिजनौर: यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय लोकदल ने पश्चिमी यूपी में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं. RLD के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी रविवार को बिजनौर पहुंचे. यहां उन्होंने कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लिया और संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने की रणनीति पर बात की. मीडिया से बातचीत के दौरान त्रिलोक त्यागी ने गन्ने के दाम और जयंत चौधरी की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने दावा किया कि जयंत चौधरी के दबाव में आकर योगी सरकार ने गन्ने के दाम बढ़ाए थे. उन्होंने कहा कि RLD आगे भी गन्ना किसानों के मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी और पार्टी चाहती है कि किसानों को गन्ने का और बेहतर रेट मिले.
‘जहां नल गड़ेगा, वहीं कमल खिलेगा’
त्रिलोक त्यागी ने 2027 के चुनाव को लेकर RLD की रणनीति पर भी बात की. उन्होंने कहा कि पार्टी का मकसद अभी से संगठन को जमीन पर मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि RLD की ताकत इतनी बढ़ानी है कि 2027 में सरकार बने तो उसमें जयंत चौधरी के समर्थन की अहम भूमिका हो. राष्ट्रीय लोकदल यूपी की सभी 403 सीटों पर अपनी तैंयारी करके चल रहा है. इसी दौरान उन्होंने एक राजनीतिक संदेश देते हुए कहा- “जहां नल गड़ेगा, वहीं कमल खिलेगा.”
बिजनौर की आठों सीटों पर प्रभाव का दावा
RLD महासचिव ने दावा किया कि बिजनौर की 8 विधानसभा सीटों पर पार्टी का प्रभाव है. उन्होंने कहा कि जिले की कोई भी विधानसभा सीट ऐसी नहीं है, जहां RLD के लोग मौजूद न हों. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों में आज भी चौधरी चरण सिंह को मानने वाले लोग हैं और पार्टी ऐसे लोगों को एकजुट करने का काम कर रही है.
18 मंडलों में सम्मेलन, अब हर जिले पर फोकस
त्रिलोक त्यागी ने बताया कि RLD अब तक प्रदेश के 18 मंडलों में सम्मेलन कर चुकी है. अब पार्टी जिले-दर-जिले सम्मेलन कर रही है. इसके बाद नवंबर से हर विधानसभा क्षेत्र में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ और गांव के स्तर तक मजबूत करना है, ताकि चुनाव से पहले पार्टी के कार्यकर्ताओं का नेटवर्क मजबूत हो सके.
सीटों के बंटवारे पर बोले- अभी बात नहीं
2027 में सीटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर त्रिलोक त्यागी ने कहा कि अभी चुनाव में करीब 6 महीने का समय है. इसलिए फिलहाल सीटों के बंटवारे को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि इस समय पार्टी का ध्यान सीटों के बंटवारे से ज्यादा संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है. बिजनौर में RLD महासचिव के बयान के बाद एक तरफ पार्टी ने 2027 की तैयारी को लेकर अपना रुख साफ किया, तो दूसरी तरफ गन्ने के दाम का मुद्दा भी फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है.