'मुसलमानों से मोहब्बत है तो सबूत दें', अखिलेश यादव को सूफी कशिश वारसी की चुनौती
अखिलेश यादव के रामपुर दौरे और आज़म खान के परिवार से मुलाकात को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है. इस बीच, भारतीय सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी कशिश वारसी ने अखिलेश के सामने एक बड़ा राजनीतिक चैलेंज खड़ा कर दिया है.
आकाश शर्मा/रामपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रामपुर पहुंचने और आजम खान व उनके परिवार से मिलने से पहले सियासत तेज हो गई है. भारतीय सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूफी कशिश वारसी ने अखिलेश यादव के सामने बड़ा चैलेंज रख दिया है. सूफी कशिश वारसी ने कहा कि हैरत है कि अखिलेश यादव को अब रामपुर याद आया है. अगर उन्हें आजम खान और मुसलमानों से सच्ची मोहब्बत है, जो कि दिखती नहीं है, तो उन्हें इसका सबूत देना चाहिए. मुझे हैरत हो रही है कि अखिलेश को रामपुर याद आ गया.
मुसलमान के नाम की घोषणा करें
उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश ने न किसी मुसलमान को राज्यसभा भेजा और न ही टिकट में तवज्जो दी, जिसका अफसोस है. उन्होंने मांग की कि अखिलेश यादव रामपुर से अपना नाम मुख्यमंत्री की रेस से बाहर कर किसी मुसलमान के नाम की घोषणा करें. अगर उनमें सच्ची में मोहब्बत है तो आजम खान के परिवार से किसी सदस्य को मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करें. तब सच्ची मोहब्बत समझ आएगी. अमली तौर पर हमदर्दी का सबूत दिया नहीं है.
अखिलेश यादव के सामने रखे तीन बड़े नाम
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि पार्टी आज़म खान के परिवार से किसी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाती है, तो मुरादाबाद मंडल के तीन कद्दावर मुस्लिम चेहरों-पूर्व सांसद डॉ. एस.टी. हसन, सांसद जावेद अली या सांसद जियाउर्र रहमान बर्क में से किसी एक के नाम की घोषणा करनी चाहिए.
मुसलमानों या आजम खान से हमदर्दी का कोई सबूत दें अखिलेश
सूफी कशिश वारसी ने कहा कि मुझे अच्छा लगेगा कि बुरे वक्त में किसी का साथ दे रहे हैं, लेकिन अभी तक अमली तौर पर उन्होंने मुसलमानों या आजम खान से हमदर्दी का कोई सबूत नहीं दिया है. अगर इस मांग को मानते हैं तो मुसलमान एकजुट होकर उन्हें वोट करेगा.
ओपी राजभर ने साधा अखिलेश पर निशाना
अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "उनके वहां जाने का उद्देश्य केवल चुनावी जुमला पैदा करना है। आज़म खान के सहारे उनकी केवल मुस्लिम वोट हासिल करने की तैयारी है। अब मुस्लिम समाज के लोग चाहते हैं कि अखिलेश यादव मुस्लिम मुख्यमंत्री घोषित करें। तब उन्हें वोट मिलेंगे। आज़म खान को जेल अखिलेश यादव ने भिजवाया था..."
'चुनाव आते ही आजम खान की याद आई'....अखिलेश यादव पर जमकर बरसे ओपी राजभर