बरसाना में राधा अष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, ब्रह्म मुहूर्त में हुआ राधा रानी का 'महाअभिषेक'
Radhashtami 2026: श्री लाडली जी की पावन जन्मभूमि बरसाना में राधा अष्टमी का पर्व अपार उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है. भोर के ब्रह्म मुहूर्त में लाडली जी मंदिर (श्रीजी मंदिर) के पट खुलते ही पूरा परिसर "राधे-राधे" और "जय श्री राधे" के जयकारों से गुंजायमान हो उठा.
कन्हैया लाल शर्मा/मथुरा: राधा अष्टमी के पावन पर्व पर आज शनिवार को बरसाना में राधा रानी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है. श्री राधा रानी मंदिर में सुबह से ही देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. मंदिर परिसर और बरसाना की गलियां ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज रही हैं. राधा अष्टमी के इस पावन अवसर पर बरसाना का कोना-कोना भक्ति के रंग में सराबोर है और श्रद्धालु अपनी लाडली जी की एक झलक पाने के लिए दर्शन मार्ग पर घंटों कतार में लगे हुए हैं.
राधा रानी मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन
राधा अष्टमी के अवसर पर श्री राधा रानी मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया. ब्रह्म मुहूर्त में राधा रानी का महा अभिषेक किया गया. धार्मिक परंपराओं के अनुसार पंचामृत समेत विभिन्न पूजन सामग्रियों से अभिषेक और पूजा-अर्चना की गई. मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के बीच हुए अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालु राधा रानी की भक्ति में लीन नजर आए.
बरसाना में राधा रानी जन्मोत्सव
राधा अष्टमी को राधा रानी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस साल यह पर्व 19 सितंबर को पड़ रहा है. बरसाना में राधा रानी के जन्मोत्सव का विशेष महत्व माना जाता है और हर वर्ष इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.
जगह-जगह धार्मिक आयोजन और भजन-कीर्तन
आज बरसाना में जगह-जगह धार्मिक आयोजन और भजन-कीर्तन का माहौल है. मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी हैं. पूरे धाम में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और भक्त राधा रानी के जयकारों के साथ जन्मोत्सव की खुशियां मना रहे हैं. राधा अष्टमी के मौके पर बरसाना पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन विशेष आस्था और भक्ति का है. राधा रानी के दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए दूर-दराज से भी भक्त यहां पहुंचे हैं.
सुरक्षा व प्रशासनिक व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरे बरसाना क्षेत्र को अलग-अलग ज़ोन और सेक्टर में बांटकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है. जगह-जगह सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है.
कब से कब तक अष्टमी तिथि?
पंचांग के मुताबिक, भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 18 सितंबर 2026 को सुबह 09 बजकर 30 मिनट पर शुरू होकर 19 सितंबर को सुबह 11:56 मिनट पर समाप्त हुई. उदया तिथि के आधार पर अष्टमी व्रत 19 सितंबर को ही उत्तम है. 19 सितंबर को राधा रानी की पूजा शुभ मुहूर्त 19 सितंबर को सुबह 11:01 बजे से दोपहर 01:28 बजे तक रहेगा.
जानिए पूजा की विधि
प्रातः स्नान कर पूजा स्थल साफ करें.
चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर राधा-कृष्ण की प्रतिमा रखें.
फल, फूल, धूप, दीप और मिष्ठान अर्पित करें.
मंत्रों का जाप करें, आरती उतारें और क्षमा याचना करें.
अगले दिन सूर्योदय के बाद राधा अष्टमी व्रत का पारण करना उत्तम माना जाता है. व्रत का पारण 20 सितंबर 2026 को सुबह 05:57 बजे के बाद किया जा सकेगा.