App

दिल्ली वाले बड़के भैया को भी साथ ले जाइए: अखिलेश यादव के राम मंदिर जाने के सवाल पर राजभर का जवाब

अखिलेश यादव के राम मंदिर जाने के सवाल पर ओम प्रकाश राजभर ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि जब रामलला के दर्शन करने जा ही रहे हैं तो अपने बड़के भैया को भी साथ ले जाइए.

दिल्ली वाले बड़के भैया को भी साथ ले जाइए: अखिलेश यादव के राम मंदिर जाने के सवाल पर राजभर का जवाब
Image Credit: File Photo

योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री व सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर से सपा अध्यक्ष पर हमला बोला है. ओम प्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष के रामलला के दर्शन की बात पर जवाब दिया है. ओम प्रकाश राजभर ने कहा, अब जब आप अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने की बात कर ही रहे हैं तो अपने दिल्ली वाले बड़के भैया को भी साथ ले जाइए. आखिर उनकी मां और उनकी पार्टी ने ही प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताया था.

अयोध्या ही रामलला की जन्मभूमि  

ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा, रास्ते में उनसे इतना जरूर कहिएगा कि अयोध्या जाकर अपनी आंखों से देखें. प्रभु श्रीराम कोई कल्पना नहीं हैं. अयोध्या ही रामलला की जन्मभूमि है और विदेशी आक्रांताओं ने वहां मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई थी. अपने बड़े भाई से यह भी कहिएगा कि कांग्रेस की ऐतिहासिक गलतियों को अब आप नहीं ढोएंगे. रामलला के सामने सिर झुकाकर आप अपने पूर्वजों की गलतियों का प्रायश्चित करें.

कारसेवकों की आत्माओं से क्षमा जरूर मांगिएगा

सपा अध्यक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश भाई, बात केवल आपके बड़े भाई की नहीं है, आप भी जब रामलला के दर्शन करने जाएं तो उन पूज्य कारसेवकों की आत्माओं से क्षमा जरूर मांगिएगा, जिन पर आपकी सपा सरकार ने गोलियां चलवाई थीं. मुस्लिम वोटों के चक्कर में आपने बहुत टोपी पहन ली और मुसलमानों को भी बहुत 'टोपी' पहना ली. आपकी उम्र इसी नाटक में बीत गई. आखिर में आना प्रभु श्रीराम की शरण में ही था तो इतनी देर क्यों कर दी भाई? खैर, देर से ही सही. रामलला के दर्शन करने का आपका विचार स्वागतयोग्य है. जाइए, दर्शन करिए. शायद अयोध्या की पावन धरती पर पहुंचकर राजनीति से ऊपर उठकर कुछ सत्य भी दिखाई दे.

अगले साल फिर दीपोत्सव मनाएंगे  

ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा, आपके जो लीडर यह भ्रम फैला रहे हैं कि यह अयोध्या का आखिरी दीपोत्सव था, उनसे कह दीजिए कि इस बात को मोटे अक्षरों में नोट कर लें. अगले वर्ष फिर अयोध्या में भव्य और दिव्य दीपोत्सव होगा. लाखों दीप फिर जलेंगे, अयोध्या फिर जगमगाएगी और रामलला की नगरी का वैभव पूरी दुनिया देखेगी. एक काम करिएगा. इस बार के दीपोत्सव का वीडियो जरूर देखिए. राम की पैड़ी पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी, उस जनसैलाब को सिर्फ भीड़ मत समझिएगा. लोगों के चेहरे देखिए, उनकी आस्था देखिए और उस 'लोक' की भावना को समझने की कोशिश करिए.

दीपोत्सव का वीडियो जरूर देखिएगा  

उन्होंने कहा कि राम को समझना है तो पहले 'लोक' को समझिए, जिस दिन 'लोक' समझ में आ गया, उस दिन राम भी समझ में आ जाएंगे. और हां अखिलेश जी, अगले दीपोत्सव का न्योता मैं आपको आज ही दे रहा हूं. इस बार वीडियो में देखिए, अगली बार खुद अयोध्या आइए. राम की पैड़ी पर खड़े होकर दीपोत्सव देखिए और उस 'लोक' को महसूस करिए, जिसकी बात मैं आपसे कर रहा हूं.

अखिलेश यादव का जवाब दिया  

राजभर ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि "अखिलेश यादव को इस मामले की पूरी जानकारी है. मंदिर में चोरी के मामले में शुरुआती तौर पर एफआईआर में सबसे पहले टिन्नू यादव का नाम सामने आया था. टिन्नू यादव और अखिलेश यादव के बीच बातचीत भी हुई थी. टिन्नू यादव ने ही अखिलेश यादव को मंदिर में हुई चोरी के बारे में बताया था कि कितनी चोरी हुई और कैसे हुई. इसलिए अखिलेश यादव को पूरी घटना की जानकारी है. उन्हें सार्वजनिक रूप से यह बताना चाहिए कि टिन्नू यादव ने उन्हें फोन करके किन-किन लोगों के चोरी में शामिल होने की जानकारी दी थी. अखिलेश यादव को इन नामों का खुलासा प्रेस के सामने करना चाहिए.

 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More