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Noida Cyber Crime: साइबर अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका एक सनसनीखेज मामला दिल्ली से सटे नोएडा से सामने आया है. बेखौफ हैकर्स ने सेक्टर-65 के एक नामी डिजिटल पेमेंट कंपनी के सर्वर में सेंधमारी कर करोड़ों रुपये की चपत लगा दी. शातिर अपराधियों ने महज आठ घंटे के भीतर 497 बार अवैध लेन-देन (Transactions) किया और पूरी रकम को 58 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया. घटना के बाद कंपनी प्रबंधन में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है.
कंपनी के निदेशक ने पुलिस से की शिकायत
जानकारी के अनुसार, पीड़ित कंपनी के निदेशक राजकुमार ने इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी ऑनलाइन वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने का काम करती है. कंपनी के जरिए मुख्य रूप से मोबाइल और डीटीएच रिचार्ज, बिल पेमेंट, आधार आधारित नकद निकासी (AEPS) और घरेलू मनी ट्रांसफर (DMT) जैसी सुविधाएं ग्राहकों को दी जाती हैं.
सर्वर हैक कर दिया घटना को अंजाम
शिकायत के मुताबिक, यह बड़ी हैकिंग 13 सितंबर को अंजाम दी गई. साइबर अपराधियों ने दोपहर करीब 12 बजे कंपनी के मेन सर्वर को हैक कर लिया और रात 10 बजे तक यानी करीब 8 घंटे के भीतर एक के बाद एक 497 अवैध ट्रांजेक्शन किए. हैकर्स ने सिस्टम की सुरक्षा प्रणाली (Security Systems) को भेदकर रकम को 58 अलग-अलग संदिग्ध बैंक खातों में भेज दिया, जिससे कंपनी को करोड़ों रुपये का बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ है. इस कंपनी की स्थापना फरवरी 2024 में हुई थी.
पुलिस और साइबर सेल जांच में जुटी
जब तक कंपनी के तकनीकी अधिकारियों को इस संदिग्ध लेन-देन का पता चला और वे सर्वर को नियंत्रित कर पाते, तब तक साइबर ठग अपने मंसूबों में कामयाब हो चुके थे. मामले की जानकारी मिलते ही कंपनी प्रबंधन की ओर से राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर करीब 10 अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नोएडा साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है.
58 बैंक खातों की पूरी कुंडली खंगाल रही पुलिस
पुलिस की एक विशेष तकनीकी टीम उन सभी 58 बैंक खातों की पूरी कुंडली खंगाल रही है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है. इसके साथ ही, जिन आईपी एड्रेस (IP Address) का इस्तेमाल सर्वर को हैक करने के लिए किया गया था, उन्हें भी ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है. जल्द ही बैंक खातों को फ्रीज कराकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा.