अंकित मित्तल/मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव सिखेड़ा में वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने, जान से मारने की धमकी देने और वर्दी फाड़ने का मामला सामने आया है. इस हमले में दो पुलिस वाले भी घायल हो गए हैं. पढ़िए क्या है पूरा मामला....
पुलिस की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, उपनिरीक्षक रुपेश कुमार पुलिसकर्मियों कांस्टेबल कुलदीप और कांस्टेबल राजवीर के साथ वारंटी साहिल उर्फ भूरिया पुत्र यूनुस की गिरफ्तारी के लिए गांव सिखेड़ा स्थित उसके घर पहुंचे थे. साहिल उर्फ भूरिया के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में वारंट जारी हुआ था. पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद साहिल को न्यायालय से जारी वारंट के बारे में जानकारी देते हुए नियमानुसार हिरासत में ले लिया.
आरोप है कि इसी दौरान साहिल ने पुलिस की पकड़ से छूटकर भागने की कोशिश की. तभी उसके परिजन और मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोग पुलिसकर्मियों से उलझ गए. पुलिस का आरोप है कि वारंटी और उसके परिजनों ने कुछ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया तथा आरोपी को पुलिस की हिरासत से छुड़ाकर भगा दिया. घटना में उपनिरीक्षक रुपेश कुमार और कांस्टेबल कुलदीप को चोटें आई हैं.
पुलिस ने तहरीर के आधार पर वारंटी की मां, पत्नी, बहनों, भाई समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है.
मुजफ्फरनगर में सड़क हादसे में एक दरोगा की मौत हो गई. जानकारी के अनुसार सिविल लाइन थाने में तैनात दरोगा अरुण चाहर सरकारी कार्य कर कार से थाने लौट रहे थे, तभी जानसठ थाना क्षेत्र में मुजफ्फरनगर मार्ग पर उनका एक्सीडेंट हो गया. अरुण चाहर सिटी की स्टेडियम चौकी के प्रभारी थे. हादसे की सूचना मिलते ही एसपी सिटी अमृत जैन और एसपी अक्षय मौके पर पहुंचे. पुलिस ने परिवार को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए टीम गठित की गई है.