प्रवीण पांडे/कानपुर: कानपुर की नौबस्ता पुलिस ने बाजार में नकली नोट खपाने वाले एक BAMS (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) के छात्र को अरेस्ट किया है. पकड़ा गया आरोपी सौमित्र त्रिपाठी मूल रूप से औरैया के जोगिनपुरवा का रहने वाला है और ग्वालियर के एक मेडिकल कॉलेज से BAMS के अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है. पुलिस ने उसके पास से 500 रुपये के 5 जाली नोट बरामद किए हैं.
पुलिस के अनुसार, सौमित्र त्रिपाठी ग्वालियर के एक कॉलेज से बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) के अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई कर रहा है.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा के एक गिरोह के संपर्क में था. जांच में सामने आया है कि आरोपी सौमित्र की इस जाली नोट गिरोह से मुलाकात जेल में बंद रहने के दौरान हुई थी. जेल से छूटने के बाद उसने इस अवैध धंधे में पैर पसारना शुरू कर गिरोह के मेंबर रेलवे स्टेशन पर उसे नकली नोट देकर चले जाते थे, जिन्हें वह बाजार में सामान खरीदने के बहाने खपाता था.
बरामद जाली नोटों की छपाई इतनी बारीक थी कि उन्हें पहली नज़र में असली नोटों से अलग से पहचानना बेहद मुश्किल था. आरोपी बाजार में जाकर 500 रुपये का जाली नोट देकर महज 50 रुपये का सामान खरीदता था और दुकानदार से बाकी के 450 रुपये असली करेंसी के रूप में वापस ले लेता था. इस तरह वह आसानी से फर्जी नोटों को बाजार में चलाकर मुनाफा कमा रहा था. फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और रेलवे स्टेशन पर नोट सप्लाई करने वाले संदिग्धों की तलाश में जुटी है.
नौबस्ता पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर नकली नोटों की सप्लाई और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए और इस नेटवर्क में उसकी भूमिका कितनी थी.