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Israel Election: इजरायल में मंगलवार ( 27 अक्टूबर 2026) को चुनाव होने वाले हैं. इसके लिए विदेशों में रहने वाली सभी यहूदी वोट डालने के लिए अपने देश पहुंच रहे हैं. चुनाव में इस बार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कड़ी टक्कर मिल रही है. वहीं, चुनाव से ठीक एक दिन पहले नेतन्याहू और इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल एयाल जमीर के बीच मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर मतभेद नजर आई है.
अटकलें लगाई जा रही है कि नेतन्याहू और जनरल एयाल जमीर के बीच ईरान पर नए हमले या सैन्य कार्रवाई को लेकर मतभेद चल रहा है. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेना प्रमुख ने किसी भी तरह के अभियान को आगे बढ़ाने से पहले नेतन्याहू से और ज्यादा चर्चा करने और लिखित कानूनी मंजूरी की मांग की है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की ओर से लिया गया यह कदम ईरान के साथ तनाव को और भड़का सकता है. इस स्थिति में किसी भी तरह का गलत फैसला खतरनाक साबित हो सकता है. यह भी आशंका जताई जा रही है कि इजरायल में राजनीतिक नेतृत्व इस चुनाव में सत्ता हासिल करने के लिए ईरान से जुड़ा मुद्दा भी इस्तेमाल कर सकता है. 'टाइम्स ऑफ इजरायल' की रिपोर्ट में कहा गया है कि नेतन्याहू ने किसी भी तरह के मतभेदों के आरोपों को खारिज किया है.
चुनावी के बीच नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट ने रविवार ( 25 अक्टूबर 2026) को वोटिंग से पहले अपनी आखिरी रैली का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने देश को एकजुट करने का संकल्प लिया. वहीं, नेतन्याहू ने उनपर ईरान के प्रति नरम होने का आरोप लगाने की कोशिश की. इजरायली प्रधानमंत्री ने भी अपने लिए खूब जमकर चुनाव प्रचार किया. गादी आइजेनकोट ने नेतन्याहू को इजरायल की लीडरशिप के लिए अयोग्य बताया है. उन्होंने हमास की ओर से 7 अक्टूबर 2023 को किए गए हमले की वजह बनी विफलताओं की जांच के लिए एक राज्य आयोग गठित करने का वादा किया है.
गादी आइसेनकोट और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच इस बार चुनाव में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. 23 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए सर्वे के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक गतिरोध बना रहेगा. वहीं, चुनाव के बाद न ही सत्ताधारी गठबंधन और न ही विपक्षी गुट कों सरकार बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन मिलेगा. हालांकि, असली परिणाम 27 अक्टूबर 2026 को वोटिंग के बाद ही सामने आएंगे.