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अंकित मित्तल/मुजफ्फरनगर: यूपी के मुजफ्फरनगर में एक परिवार ने मिसाल पेश की है. बेटे की मौत के एक महीने बाद ही ससुरालवालों ने अपनी बहू को घर से विदा किया है. बहू की दूसरी शादी में देवर भाई बना तो तो सास ने मां की सभी रस्में निभाईं. इलाके में इस शादी की चर्चा हो रही है.
पिता की मौत का सदमा नहीं सहन कर पाया था रोहित
9 साल पहले हरिद्वार के बहादुरपुर की मीनाक्षी की शादी खतौली कस्बे के दयालपुरम निवासी रोहित से हुई थी. जिंदगी हंसी खुशी से गुजर रही थी. रोहित और मीनाक्षी को दो बच्चे भी हैं. एक 7 साल की बेटी रितु और डेढ़ साल की अविका. इस हंसते खेलते परिवार को उस समय ग्रहण लग गया, जब 14 अगस्त को कैंसर से जूझ रहे रोहित के पिता राज मिस्त्री ओमपाल का निधन हो गया था. इस गम के चलते अगले ही दिन 15 अगस्त को रोहित की भी सदमे से मौत हो गई थी.
सास ने मां बनकर सभी रस्में निभाईं
घर में जवान बहू को देख सास सुनीता ने उसकी शादी कराने का फैसला लिया. राजस्थान के नारायणपुर में चाट की दुकान चलाने वाले योगेश के साथ मीनाक्षी की राजाबंदी से दूसरी शादी कराने का फैसला लिया गया. बुधवार को सास सुनीता ने आर्य समाज मंदिर में पूरे रीति रिवाज से बहू मीनाक्षी की शादी कराकर उसे घर से विदा किया. इस दौरान देवर मोहित ने भाई बनकर अपनी भाभी का कन्यादान किया. इस परिवार ने विधवा बहू की शादी कराकर मिसाल पेश की है.
2017 में हुई थी पहली शादी
शादी के बाद जहां मीनाक्षी की सास और देवर जिंदगी भर उससे रिश्ता निभाने की बात कह रहे हैं तो वहीं मीनाक्षी भी शादी से खुश नजर आई. बहू मीनाक्षी ने कहा कि 2017 में उसकी पहली शादी हुई थी. पति की मौत के बाद वह अपनी मर्जी से दूसरी शादी कर रही है. किसी का कोई दबाव नहीं है. ससुरालवालों का कहना है कि बहू के आगे लंबी उम्र पड़ी है और इन बच्चों का भविष्य भी है, इसलिए दूसरी शादी कराने का फैसला किया.