मेरठ के चर्चित नीले ड्रम कांड में बड़ा फैसला: मुस्कान और साहिल दोषी करार, अब सजा पर टिकी नजर
Saurabh Rajput Murder Case Judgement: सौरभ राजपूत हत्याकांड में 126 तारीखों के लंबे इंतजार के बाद बुधवार को फैसला सुनाया.
Blue Drum Case final verdict/मेरठ: मेरठ के चर्चित नीला ड्रम कांड यानी सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सौरभ की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है. हालांकि, कोर्ट ने अभी दोनों की सजा का ऐलान नहीं किया है. अब 15 दिन बाद 14 अक्टूबर को अगली सुनवाई में यह तय होगा कि दोनों को क्या सजा दी जाती है. अभियोजन पक्ष और सौरभ के परिवार ने दोनों के लिए फांसी की मांग की है.
कोर्ट ने अपराध को बताया जघन्य
दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए अदालत ने कहा कि दोनों ने जघन्य अपराध किया और साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी की. कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध से समाज में डर का माहौल बनता है और सभ्य समाज में इसकी जगह नहीं है. अदालत ने यह भी कहा कि साक्ष्यों के आधार पर यह तय हो गया है कि मुस्कान और साहिल इस मामले में दोषी हैं. अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी.
सजा के ऐलान का इंतजार
बता दें कि मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराए जाने के बाद अब सबकी नजर सजा पर है. सौरभ के परिवार का कहना है कि उन्हें असली खुशी उस समय होगी जब दोनों को सजा सुनाई जाएगी. परिवार पहले ही अदालत से मुस्कान और साहिल को फांसी देने की मांग कर चुका है. अभियोजन पक्ष ने भी मामले को बेहद गंभीर बताते हुए अधिकतम सजा की मांग की है.
17 सितंबर को पूरी हुई थी बहस
सौरभ हत्याकांड में दोनों पक्षों की अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हो गई थी. इसके बाद अदालत ने 30 सितंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी. मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए. सुनवाई के दौरान परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे गए. बचाव पक्ष ने अपनी दलीलों में चश्मदीद गवाह नहीं होने का तर्क दिया था.
22 गवाहों की गवाही के बाद आया फैसला
मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके का है. आरोप के मुताबिक मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की थी. इसके बाद शव को नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपाने की कोशिश की गई थी. इसी वजह से यह मामला नीला ड्रम कांड के नाम से चर्चित हुआ. लंबी सुनवाई और 22 गवाहों की गवाही के बाद अदालत ने अब दोनों को दोषी करार दिया है.
फैसले से पहले जेल में बदला माहौल
फैसले से एक दिन पहले मेरठ जेल में बंद मुस्कान और साहिल की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा रही. बताया गया कि दोनों फैसले को लेकर बेचैन थे और रात में ठीक से सो नहीं पाए. मुस्कान जेल में सिंचाई और कढ़ाई का काम करती थी. वह दूसरे बंदियों से कम बातचीत करती थी और अक्सर अकेले रहना पसंद करती थी. फैसले से पहले मुस्कान के पूजा-पाठ करने की भी जानकारी सामने आई थी, जबकि साहिल के मौन रहने की बात कही गई थी.
सौरभ की मां और भाई कोर्ट में मौजूद
फैसले के वक्त सौरभ की मां रेनू देवी और भाई बबलू अदालत में मौजूद थे. परिवार लंबे समय से दोनों आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है. परिवार का कहना है कि सौरभ के साथ जिस तरह की घटना हुई, उसने उन्हें ही नहीं बल्कि पूरे समाज को झकझोर दिया. दोषी करार दिए जाने के बाद अब परिवार को सजा के ऐलान का इंतजार है.
अगली सुनवाई पर तय होगी सजा
अदालत ने अभी मुस्कान और साहिल की सजा तय नहीं की है. दोषी करार दिए जाने के बाद अब सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों को अपनी दलील रखने का मौका मिलेगा. इसके बाद अदालत तय करेगी कि दोनों को उम्रकैद दी जाती है या इससे अधिक कठोर सजा. सौरभ के परिवार और अभियोजन पक्ष की ओर से फांसी की मांग की गई है. अब अगली सुनवाई में अदालत के रुख पर सबकी नजर रहेगी.
मेरठ सौरभ हत्याकांड: आज आ सकता है ऐतिहासिक फैसला! मुस्कान और साहिल दोषी हुए तो फांसी पर होगी सुनवाई