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BSP में फिर बदला समीकरण, आकाश-दीपिका का पत्ता साफ? ईशान आनंद पर मायावती का भरोसा

BSP Chief Mayawati: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी संगठन और अपने परिवार को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है. सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार पोस्ट करते हुए उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी से दूर रखने और उनके भाई ईशान आनंद को आगे लाने का ऐलान किया है.

BSP में फिर बदला समीकरण, आकाश-दीपिका का पत्ता साफ? ईशान आनंद पर मायावती का भरोसा
Image Credit: Mayawati Deepika Anand

विनीत अग्रवाल/BSP Chief Mayawati: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने पार्टी संगठन में परिवार की भूमिका को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है. मायावती ने कहा है कि उनके भाई आनंद कुमार के परिवार के किसी सदस्य को पार्टी में आगे बढ़ाने को लेकर उन्होंने गंभीरता से विचार किया है. अब आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. इसके बजाय आनंद कुमार के बेटे ईशान आनंद को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

संगठन और मिशन के लिए काम करना जरूरी 
मायावती ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने यह फैसला पार्टी और बहुजन आंदोलन के हित को ध्यान में रखते हुए लिया है. उन्होंने कांशीराम और डॉ. भीमराव आंबेडकर के उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि परिवार के मोह से ऊपर उठकर संगठन और मिशन के लिए काम करना जरूरी है.

आकाश आनंद पर लगाया विश्वासघात का आरोप
मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद अपनी शादी के बाद से ही अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में आ चुके हैं. उन्होंने कहा कि आकाश आनंद का रवैया पार्टी विरोधी रहा है और अब उन्हें पार्टी में वापस लेना बीएसपी के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात होगा. मायावती ने कहा, "यह पार्टी विरोधी गलत कार्य मैं कदापि नहीं कर सकती।" इसके साथ ही उन्होंने आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी से पूरी तरह दूर रखने का अंतिम फैसला लिया है. आकाश आनंद को 10 सितंबर को BSP से बाहर किए जाने की खबर सामने आई थी.

ईशान को फिर जिम्मेदारी
मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि दीपिका आनंद को भी भविष्य में पार्टी की जिम्मेदारी देने से दूर रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि ईशान आनंद को जिम्मेदारी दी जाएगी, लेकिन अगर उन्होंने भी कोई गंभीर पार्टी-विरोधी गतिविधि की तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद आनंद कुमार के परिवार के किसी अन्य सदस्य को पार्टी में जिम्मेदारी नहीं देने की बात कही गई है.

यह फैसला ऐसे समय आया है जब BSP में पिछले कुछ हफ्तों से संगठनात्मक बदलाव लगातार हो रहे हैं. सितंबर की शुरुआत में आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया गया, इसके बाद उन्हें पार्टी से बाहर किया गया. ईशान आनंद को भी एक समय संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन बाद में मायावती ने दोनों भतीजों को पार्टी में कोई पद नहीं देने का ऐलान किया था.

23 सितंबर को ऑल-इंडिया बैठक
मायावती ने घोषणा की कि देश व जनहित के मुद्दों के साथ-साथ परिवार और संगठन से जुड़े इस महत्वपूर्ण फैसले से पार्टी कैडर को अवगत कराने के लिए 23 सितंबर को बीएसपी की एक अत्यंत जरूरी ऑल-इण्डिया बैठक बुलाई गई है.

बाबा साहेब के 1956 के पत्र का दिया हवाला
अपने इस कड़े फैसले को सही ठहराते हुए मायावती ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा 23 फरवरी 1956 को अपने पुत्र यशवंत बी. आंबेडकर को लिखे पत्र का जिक्र किया. बाबा साहेब ने सार्वजनिक संपत्ति ('बौद्ध भूषण प्रिंटिंग प्रेस') में अनियमितता को लेकर अपने बेटे को सख्त चेतावनी और कानूनी कार्रवाई की बात कही थी. मायावती ने कहा कि पूरा बहुजन समाज ही उनका असली परिवार है और बहुजन हित के लिए वह अपने करीबियों के खिलाफ भी किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.

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About the Author

Preeti Chauhan

Preeti Chauhan

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
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