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महाभारत काल से लेकर नाविक के अंत तक... जानिए महराजगंज के 'लेहड़ा देवी' मंदिर का क्या है रहस्य?

Maharajganj Lehra Devi Dham: शारदीय नवरात्रि के मौके पर मां दुर्गा के मंदिरों में भक्तों का हुजूम उमड़ा हुआ है. मंदिर चाहे जहां का भी हो सब का एक अलग ही महत्व होता है. ठीक ऐसा ही एक मंदिर उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में है, जहां सच्चे दिल से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है. यह मंदिर कोई और नहीं, 'लेहड़ा देवी' मंदिर है. जानिए क्या है इस मंदिर की मान्यता?

Written ByPooja Singh
Published: Oct 14, 2026, 11:59 AM IST|Updated: Oct 14, 2026, 12:03 PM IST
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महाभारत काल से लेकर नाविक के अंत तक... जानिए महराजगंज के 'लेहड़ा देवी' मंदिर का क्या है रहस्य?

About the Author

Pooja Singh

Pooja Singh

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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Maharajganj Lehra Devi Dham/ अमित त्रिपाठी: इन दिनों पूरे देश में शारदीय नवरात्रि की धूम है और भक्त मां की भक्ति में डूबे हुए हैं. देश-प्रदेश के शक्तिपीठों में अलग ही रौनक देखने को मिल रही है. हर दिन सुबह से ही मां के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है. ऐसा ही हाल उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के फरेंदा तहसील के मां आद्रवन देवी यानी लेहड़ा देवी के दरबार का भी है. घने जंगलों के बीच बसे इस धाम की महिमा ऐसी है कि यहां केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत के कोने-कोने और पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंच रहे हैं.

क्या है इस मंदिर की मान्यता?
मां लेहड़ा देवी मंदिर का इतिहास सदियों पुराना और चमत्कारी कहानियों से भरा हुआ है. इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि कई हजार साल पहले यहां एक नदी बहती थी. जहां एक दिन मां एक किशोरी का रूप धारण कर आईं और नाव से नदी पार कराने के लिए एक नाविक से कहा. मां की सुंदरता से आशक्त हो नाविक ने उनसे छेड़खानी करनी चाही. जिससे नाराज होकर मां ने नाविक और नाव के साथ उसी क्षण जलसमाधि ले ली. स्थानीय लोगों के मुताबिक, आज भी वह नदी यहीं पर बहती है और नाव के अवशेष दिखते है.

पांडव काल की पौराणिक मान्यता
इतना ही नहीं, महाभारत काल में अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने भी इसी पावन स्थल पर मां भगवती की अराधना की थी. जब द्रौपदी ने अपना आंचल फैलाकर विजय का आशीर्वाद मांगा, तब मां ने पांडवों को विजयश्री का वरदान दिया था. मंदिर के मुख्य पुजारी ओम प्रकाश पांडेय बताते हैं कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से अपनी झोली फैलाता है, मां उसकी सभी मन्नतें पूरी करती हैं.

मां के दरबार में हर मन्नत होती है पूरी
भक्तों की हर मुराद पूरी करने वाली मां लेहड़ा देवी के इस मंदिर में हर रोज हजारों भक्तों का मेला लगा रहता है. लोग यहां आते हैं अपनी दुखों को लेकर और यहां से जाते हैं मुरादें पूरी कर के. भारत नेपाल सीमा पर स्थित इस मंदिर पर जिस तरह भक्तों की हुजूम उमड़ रहा है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि मां के दरबार में हाजिरी लगाने से जहां हर पाप कट जाते हैं. मां लेहड़ा वाली भक्तों की मुरादें भी पूरी करने  का काम करती है.

नृत्य की परंपरा और अनूठी आस्था
मां लेहड़ा देवी दरबार की एक बेहद अनूठी और प्राचीन परंपरा है 'आंचल पर नर्तकी का नृत्य'. इस मंदिर में एक प्रथा है कि जो भी यहां नर्तकी को अपने आंचल पर नचावत है, उसकी हर मुराद पूरी होती है. जिस कारण हर समय यहां पर नृत्य होता रहता है. इसके साथ ही शादी विवाह और मुंडन के कार्यक्रम भी यहां पर होते रहते हैं. 

इस समय भारत के कई प्रांतो के अलावा नेपाल से भी भारी संख्या में भक्तों का हुजूम रहता है. यहां आने वाले भक्तों का मानना है कि उन्होंने यहां मां के दरबार में जो भी अरदास लगाई है, मां ने उसे जरूर पूरा किया है.

यह भी पढ़िए: न मूर्ति, न चेहरा… फिर कैसे होते हैं देवी के दर्शन? यूपी के इस मंदिर का रहस्य जानिए!

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