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पांडेय हैं... इन पर SC/ST वाला एक्ट लगाओ, हरदोई में लेखपाल का धमकाने का वीडियो वायरल

Hardoi Viral Video: हरदोई में लेखपाल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जमीन नापने पहुंचे लेखपाल ने युवक द्वारा ब्राह्मण जाति बताने पर एससी एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दे दी.

पांडेय हैं... इन पर SC/ST वाला एक्ट लगाओ, हरदोई में लेखपाल का धमकाने का वीडियो वायरल
Image Credit: Hardoi Viral Video

आशीष द्विवेदी/हरदोई: हरदोई में जमीन की पैमाइश करने पहुंची राजस्व टीम की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. पैमाइश के दौरान एक लेखपाल ने पहले युवक से उसकी जाति पूछी, इसके बाद युवक द्वारा खुद को ब्राह्मण बताए जाने के बाद दूसरे पक्ष की जाति पूछने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. आरोप है कि दूसरे पक्ष के अनुसूचित जाति से होने की बात सामने आने के बाद लेखपाल ने ब्राह्मण युवक के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट लगवाने की धमकी दी. सरकारी अमले की मौजूदगी में हुई कथित बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद मामला गरमा गया है. वीडियो वायरल होने के बाद ब्राह्मण संगठनों ने भी आपत्ति जताई है.

यह है पूरा मामला
मामला सदर तहसील क्षेत्र के टड़ियावां थाना अंतर्गत सखौरा गांव का है. यह गांव हरदोई तहसील क्षेत्र का अंतिम गांव बताया जा रहा है. इसी सखौरा गांव के मजरा बेहटी के रहने वाले रामसागर पासी ने अपनी पट्टे की भूमि की पैमाइश के लिए तहसील में आवेदन किया था. इसके बाद नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम गांव पहुंची. टीम में स्थानीय लेखपाल कौशल यादव, दूसरे क्षेत्र के लेखपाल आलोक त्रिपाठी और पुलिस बल मौजूद था. पैमाइश के दौरान संतोष कुमार पांडेय के बेटे गौरव पांडेय ने जमीन पर अपना दावा बताते हुए पूरी भूमि की पैमाइश कराने की मांग की.

जमीन की पैमाइश के लिए पहुंचे थे लेखपाल 
गौरव के मुताबिक, करीब 30 साल पहले उनके बाबा गया प्रसाद पांडेय के नाम तीन-चार बीघे सरकारी जमीन का पट्टा हुआ था. परिवार ने जमीन को साफ कराकर पेड़ लगाए और लंबे समय से खेती करता चला आ रहा है. आरोप है कि पूरी जमीन की पैमाइश किए बिना ही वहां लगे पेड़ों को हटाने की कार्रवाई की गई. मामले में सबसे अधिक चर्चा वायरल वीडियो को लेकर है.

एससी-एसटी एक्ट लगवाने की धमकी 
गौरव पांडेय का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी बात रखी तो उनकी बात नहीं सुनी गई और इसी दौरान लेखपाल आलोक त्रिपाठी ने उनकी जाति पूछी. ब्राह्मण बताए जाने के बाद दूसरे पक्ष की जाति पूछी गई और रामसागर के अनुसूचित जाति से होने की बात सामने आने पर एससी-एसटी एक्ट लगवाने की धमकी दी गई. हालांकि, वायरल वीडियो में कही गई बातों और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

 

अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल 
वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने अब मामले का संज्ञान लिया है. प्रशासन की ओर से तहसीलदार को जांच सौंपी गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट दो दिन में मिलने की उम्मीद है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले मामले को लेकर अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठ रहे थे. अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि पैमाइश के दौरान वास्तव में क्या हुआ और वायरल वीडियो में सामने आई बातचीत की वास्तविकता क्या है?.

एसडीएम ने तहसीलदार को सौंपी जांच 
सदर एसडीएम मयंक कुंडू ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो सखोरा गांव का है. वहां राजस्व टीम दो पक्षों के बीच भूमि विवाद की जांच और पैमाइश के लिए गई थी. पैमाइश के दौरान दोनों पक्षों के क्षेत्रफल में ओवरलैपिंग पाई गई. इसी दौरान लेखपाल द्वारा एससी/एसटी एक्ट को लेकर कुछ अनुचित टिप्पणी की गई, जो कि पूरी तरह से गलत थी. पूरे मामले की जांच तहसीलदार सदर को सौंप दी गई है. वे दो दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेंगे. रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार लेखपाल के विरुद्ध आवश्यक विधिक व विभागीय कार्रवाई की जाएगी. 
 

 

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About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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