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नोटबंदी के 10 साल बाद पुराने नोटों का जखीरा मिला: हापुड़ में 1.44 करोड़ की करेंसी बरामद, भोले-भाले लोगों को बनाते थे निशाना

अभिषेक माथुर/हापुड़: देशभर में 500 और 1000 हजार के पुराने नोट चलन में नहीं हैं. पुराने नोटों को बंद किए करीब 10 साल होने जा रहे हैं बावजूद यूपी के हापुड़ में पुराने नोटों का जखीरा मिला है. करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये की प्रतिबंधित करेंसी मिलने के बाद हड़कंप मच गया. आरोपी भोले-भाले लोगों को नए नोट देने का झांसा देकर कमीशन पर पुरानी करेंसी बदलवाने का गोरखधंधा चला रहे थे. पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.

नोटबंदी के 10 साल बाद पुराने नोटों का जखीरा मिला: हापुड़ में 1.44 करोड़ की करेंसी बरामद, भोले-भाले लोगों को बनाते थे निशाना
Image Credit: Z Creative (AI Image)

अभिषेक माथुर/हापुड़: देशभर में 500 और 1000 हजार के पुराने नोट चलन में नहीं हैं. पुराने नोटों को बंद किए करीब 10 साल होने जा रहे हैं बावजूद यूपी के हापुड़ में पुराने नोटों का जखीरा मिला है. करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये की प्रतिबंधित करेंसी मिलने के बाद हड़कंप मच गया. आरोपी भोले-भाले लोगों को नए नोट देने का झांसा देकर कमीशन पर पुरानी करेंसी बदलवाने का गोरखधंधा चला रहे थे. पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है.  

यह है पूरा मामला 
थाना हापुड़ देहात के उपनिरीक्षक रामू कुमार पुलिस टीम के साथ एनएच-9 सर्विस रोड पर श्रीजी पेट्रोल पंप के सामने मेरठ बाईपास गोल चक्कर पर रात्रि गश्त व चेकिंग कर रहे थे. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गाजियाबाद की तरफ से एक व्यक्ति काले रंग की अपाचे बाइक पर काले बैग में भारी मात्रा में प्रतिबंधित पुरानी करेंसी लेकर मेरठ की ओर जा रहा है. सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने टॉर्च की रोशनी देकर संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया, तो उसने भागने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर ही पकड़ लिया.

1 करोड़ की पुरानी करेंसी जब्त 
पकड़े गए आरोपी की पहचान देवेन्द्र रूहेला पुत्र सतपाल सिंह निवासी नंदग्राम, गाजियाबाद के रूप में हुई है. पुलिस को उसके पास से प्रतिबंधित 1000 और 500 रुपये के नोटों के बंडल बरामद हुए. पेट्रोल पंप से नोट गिनने की मशीन मंगवाकर कराई गई. गिनती में 1000 रुपये के नोटों की 127 गड्डियां कुल 1 करोड़ 27 लाख रुपये, 500 रुपये के नोटों की 34 गड्डियां कुल 17 लाख रुपये 1 करोड़ 44 लाख रुपये की प्रतिबंधित करेंसी बरामद की है.

लखनऊ तक फैला रखा नेटवर्क 
पूछताछ में देवेंद्र ने बताया कि वह अपने साथी रवि उर्फ विक्रान्त श्रीवास्तव निवासी लखनऊ और अविनाश पाण्डेय निवासी गाजियाबाद के साथ मिलकर यह नेटवर्क चला रहा था. ये लोग आम जनता को पुरानी करेंसी के बदले नई करेंसी देने का लालच देकर नोट इकट्ठा करते थे और फिर अपने संपर्कों के जरिए कमीशन पर इन्हें बदलवाने का काम करते थे. थाना हापुड़ देहात पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. बाइक को भी कब्जे में ले लिया है. पूरे नेटवर्क की तलाश की जा रही है. 

पुलिस जांच में जुटी 
हापुड़ पुलिस का कहना है कि एक टीम लखनऊ के लिए रवाना हो गई है. आरोपी अपना नेटवर्क कहां तक फैला रखा था, इसकी जांच की जा रही है. नेटवर्क में कितने लोग शामिल है? पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है. 

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About the Author

Amitesh Pandey

Amitesh Pandey

अमितेश कुमार पांडेय डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सीनियर सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले अमितेश को मीडिया जगत में 8 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.अमितेश के पास डेस्क एडिटिंग के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से ग्राउंड रिपोर्टिंग का भी व्यावहारिक अनुभव है. अमितेश ने उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों- लखनऊ, प्रयागराज और गाज़ियाबाद में जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है. स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ पेपर अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में काम करने का अनुभव है. अमितेश ने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रयागराज से की है.अमितेश पांडेय से आप amitesh.pandey@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप अमितेश से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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