)
नागेन्द्र मणि त्रिपाठी/गोरखपुर: गोरखपुर में बीजेपी महानगर कार्यसमिति के विस्तार के बाद सियासी चर्चा तेज हो गई है. महानगर अध्यक्ष की ओर से जारी 17 विशेष आमंत्रित सदस्यों की सूची में मुख्यमंत्री और गोरखपुर शहर के विधायक योगी आदित्यनाथ का नाम सबसे ऊपर है. सांसद रविकिशन शुक्ला और बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत कई बड़े नेताओं को भी जगह मिली है. लेकिन इस सूची में गोरखपुर शहर से चार बार विधायक रहे और वर्तमान में राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल का नाम नहीं है. ये खबर अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है.
भाजपा गोरखपुर महानगर की नई कार्यसमिति का विस्तार...
महानगर अध्यक्ष की ओर से जारी सूची में 17 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं. सूची में पहला नाम गोरखपुर सदर विधायक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है. इसके अलावा गोरखपुर सांसद रविकिशन शुक्ला, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत कई प्रमुख नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है.
लेकिन इसी सूची में एक बड़ा नाम नदारद है...
RMD अग्रवाल गोरखपुर शहर से लगातार चार बार विधायक रहे और मौजूदा राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल को महानगर कार्यसमिति में जगह नहीं मिली है. डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं. ऐसे में महानगर कार्यसमिति की लिस्ट से उनका नाम गायब होना अब पार्टी के अंदर और बाहर चर्चा का विषय बन गया है.

बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव
RMD अग्रवाल बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव भी रह चुके हैं. ऐसे में पार्टी की स्थानीय कार्यसमिति में उनका नाम नहीं होने के बाद अब सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. हालांकि, सूची में उनका नाम नहीं होने की वजह को लेकर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है.
डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल को आखिर महानगर कार्यसमिति से बाहर क्यों रखा गया? चर्चा तेज.....
गोरखपुर बीजेपी महानगर की नई कार्यसमिति की सूची सामने आने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उस नाम की है, जो इस सूची में शामिल नहीं है. अब सवाल यही है कि चार बार के पूर्व विधायक और मौजूदा राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल को आखिर महानगर कार्यसमिति से बाहर क्यों रखा गया? अब पार्टी की ओर से इस पर क्या सफाई आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके इतने बड़े कद्दावर नेता का नाम महानगर कार्यसमिति से गायब होना हर किसी को चौंका रहा है.