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आलोक त्रिपाठी/गाजीपुर: गाजीपुर के बरियाबाद थाना क्षेत्र के बहुचर्चित गोलीकांड में अदालत ने अभियुक्त मनोहर यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शक्ति सिंह गाजीपुर की अदालत ने यह फैसला सुनाया. अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.
5 साल पुराना मामला
दरअसल, मामला 24 मार्च 2021 का है. शासकीय अधिवक्ता अखिलेश सिंह के मुताबिक, सर्वेश यादव और उसका मित्र दीपक यादव बीयर की दुकान पर सेल्समैन के रूप में काम करते थे. दोनों सादात से अपने गांव की तरफ लौट रहे थे. आरोप है कि गांव के पास सड़क पर पहुंचते ही मनोहर यादव ने सर्वेश यादव के पेट में गोली मार दी, जबकि दीपक यादव के हाथ में गोली लगी.
कोर्ट में पेश किए गए 14 गवाह
घटना की सूचना मिलते ही सर्वेश की मां शीला देवी मौके पर पहुंचीं. अभियोजन के अनुसार, गंभीर रूप से घायल सर्वेश ने अपनी मां से कहा कि मनोहर यादव ने उसे गोली मारी है. यही बयान मुकदमे में अभियोजन के लिए अहम कड़ी बना. इस मामले में अभियोजन की ओर से कुल 14 गवाह पेश किए गए. हालांकि, घायल गवाह दीपक यादव ने अदालत में हमलावर को पहचानने से इनकार किया और कहा कि मौके पर मौजूद लोगों के चेहरे ढके हुए थे. इसके बावजूद अभियोजन ने अन्य साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपना पक्ष रखा.
हत्या का दोषी ठहराया
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर मनोहर यादव को हत्या यानी धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है, जिसमें से आधी राशि मुकदमा वादी शीला देवी को दिए जाने का आदेश है. इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत भी अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है. करीब साढ़े पांच साल पुराने इस गोलीकांड में अदालत का फैसला आया है और हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा मिली है.
मृतका की मां को मिलेगी जुर्माने की राशि
कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद आरोपी मनोहर यादव को जेल भेज दिया गया. अदालत के आदेश के मुताबिक, जुर्माने की 25 हजार रुपये राशि मृतक की मां शीला देवी को मिलेगी, जबकि बाकी राशि राज्य सरकार के खाते में जमा होगी.