94वां वायुसेना दिवस: जब हिंडन पर एक साथ गरजे तेजस, ब्रह्मोस और आकाश, एयर चीफ मार्शल ने दिया दुश्मनों को कड़ा संदेश
Indian Air Force Day 2026: गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर आज भारतीय वायुसेना (IAF) का 94वां स्थापना दिवस मनाया गया. समारोह में बतौर मुख्य अतिथि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह शामिल हुए. उन्होंने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया.
Indian Air Force Day 2026: गाजियाबाद का हिंडन एयरबेस आज भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर देशभक्ति, अदम्य साहस और सैन्य गरिमा का साक्षी बना. नीले आसमान के नीचे जब जवानों ने कदमताल किया, तो पूरा परिसर भारत माता के जयकारों और वायुसेना के पराक्रम की गूंज से सराबोर हो उठा. इस मौके पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने परेड की सलामी ली. इस दौरान उन्होंने संघर्षों, चुनौतियों का जिक्र किया.
शौर्य की गूंज और वीरों का सम्मान
समारोह की शुरुआत वायुसेना के जवानों की मुख्य परेड के साथ हुई, जिसमें सैनिकों ने जोशीली धुन पर कदमताल किया. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हिंडन एयर बेस पर वायु सेना दिवस समारोह में परेड का निरीक्षण किया. फिर उन्होंने जवानों के पराक्रम और अनुशासन की सराहना की. इस दौरान उत्कृष्ट, साहसिक और सराहनीय सेवा देने वाले जवानों को सम्मानित भी किया गया.
एयर चीफ मार्शल ने संघर्षों, चुनौतियों का किया जिक्र
इस मौके पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है, जिससे अनिश्चितता और जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियां पैदा हो रही हैं. दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में नए संघर्ष उठ रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वायुसेना असाधारण और सक्षम नेटवर्क-केंद्रित बल के रूप में विकसित हुई है. एयर चीफ मार्शल ने कहा कि इन घटनाओं से ये तो साफ है कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए वायु शक्ति सबसे अहम जरिया है. वायु शक्ति की संरक्षक होने के चलते, भारतीय वायु सेना अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को बखूबी समझती है.
'किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार'
समारोह को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आगे कहा कि यह सेना किसी भी इमरजेंसी हालात का सामना करने के लिए हमेशा सतर्क, प्रतिबद्ध और तैयार रहती है. एयर चीफ मार्शल ने कहा कि हम मानते हैं कि किसी भी वायु सेना के पास दुनिया के सबसे आधुनिक विमान या सिस्टम हो सकते हैं, लेकिन उसकी असली ताकत उसकी ऑपरेशनल तैयारी से मापी जाती है. यानी कि जरूरत पड़ने पर वह कितनी तेजी और भरोसे के साथ वह एक्शन लेती है.
'ऑपरेशन सिंदूर' को जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में वायुसेना ने अभियान को अंजाम देने की अपनी स्पीड से सभी को वाकिफ करवा दिया. वायु सेना सतर्क है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है.
पहली बार एक साथ दिखे ब्रह्मोस, तेजस और आकाश
इस बार का 94वां वायुसेना दिवस भारत की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बना. एयरबेस परिसर में अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और मिसाइल प्रणालियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने भारत की मजबूत होती रक्षा क्षमताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया. समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पहली बार दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 'ब्रह्मोस' के साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान 'तेजस', 'आकाश' और 'ध्रुव' एक साथ इस स्थापना दिवस समारोह का मुख्य आकर्षण बने.
स्वदेशी हथियारों का यह समागम यह बताने के लिए काफी था कि भारतीय वायुसेना अब बाहरी तकनीकों पर निर्भर न रहकर 'मेक इन इंडिया' के तहत हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है.