प्रेमानंद महाराज के आश्रम पर फिर उठे सवाल: दीक्षा लेने आया शिष्य 3 महीने से लापता, परिजनों ने 'केली कुंज' के बाहर जमाया डेरा
Premanand Maharaj Ashram Controversy: प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ा एक शिष्य तीन महीने से रहस्यमयी तरीके से गायब है. बेटे से मिलने न दिए जाने और कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर पीड़ित पिता और बुजुर्ग दादी ने आश्रम के बाहर धरना शुरू कर दिया है. दादी का आरोप है कि आश्रम से उन्हें धक्के मारकर निकाला गया और प्रेमानंद महाराज का आश्वासन भी झूठा साबित हुआ.
Premanand Maharaj Ashram Controversy/ कन्हैया लाल शर्मा: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के 'श्री राधा केली कुंज' आश्रम से एक बार फिर गंभीर और उलझाने वाली खबर सामने आई है. आश्रम के एक शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब दीक्षा लेने आया एक शिष्य रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया है. 3 महीने से बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहे परिजनों का आखिरकार सब्र टूट गया और उन्होंने आश्रम के बाहर ही धरना शुरू कर दिया है.
3 जुलाई को दर्शन की बात कहकर निकला था अनुज
हाथरस जिले के सादाबाद निवासी 17 वर्षीय अनुज चौधरी ने बीते 26 जून को संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी. इसके बाद वह 3 जुलाई को परिजनों से यह कहकर वृंदावन निकला कि वह महाराज जी के दर्शन करके जल्द लौटेगा, लेकिन उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है. बेटे के न लौटने पर पिता राजवीर चौधरी और बुजुर्ग दादी मुन्नी देवी लगातार आश्रम के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनका आरोप है कि हर बार उन्हें बिना मिलाए ही वापस लौटा दिया जाता है.
आश्रम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
आपको बता दें, हाल ही में आश्रम के एक अन्य शिष्य दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर भी परिजनों ने आश्रम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे. रसिक दुलारी शरण के परिवार का भी यही कहना था कि जब भी वे मिलने आते थे, तो उन्हें कई-कई दिनों तक बाहर बिठाकर बिना मिलाए वापस भेज दिया जाता था. अब अनुज के मामले में भी ठीक वैसा ही पैटर्न सामने आने से हड़कंप मच गया है.
आश्रम प्रशासन पर लगे संगीन आरोप
परिजनों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब आश्रम प्रशासन की तरफ से उन्हें धक्के मार-मारकर बाहर निकाला गया. पीड़ित दादी ने बताया कि उनका नाती केलिकुंज आया है. उसे घर से आश्रम आए तीन अक्टूबर को तीन महीने हो जाएंगे. हमें प्रेमानंद महाराज जी ने खुद आश्वासन दिया था कि 2 घंटे में बच्चा मिल जाएगा, लेकिन अब तक कोई अता-पता नहीं है. जब तक मेरा नाती मुझे नहीं सौंपा जाएगा, हम आश्रम के बाहर ही डटे रहेंगे.
वहीं, पिता राजवीर का कहना है कि न तो आश्रम में उन्हें बेटे से मिलने दिया जा रहा है न ही आश्रम के लोग कोई जानकारी दे रहे हैं. आश्रम के एक व्यक्ति से परिजन की मोबाइल पर बात हुई तो उसने उनके पुत्र को देखा है ऐसा बताया था. अब कहा जा रहा है कि उनके बेटे से मिला देंगे.
तीन महीने से नहीं हुई अनुज से बात
अनुज के पिता राजवीर सिंह ने बताया कि अनुज इंटरमीडिएट का छात्र था और चार बहनों का अकेला भाई है. वह वृंदावन के पास पानीगांव में अपने ननिहाल आता-जाता था. इसी दौरान उसने केली कुंज आश्रम जाकर संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी. दीक्षा लेने के करीब 5 दिन बाद वह कंठी-माला और तीन किताबें लेकर महाराज जी के दर्शन का कहकर घर से निकला था, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटा. परिजनों का कहना है कि तीन महीने से उनकी अनुज से कोई बात नहीं हुई है.
परिजनों के आरोप और आश्रम में धरना
धरने में अनुज के पिता राजवीर सिंह, मां, दादी मुन्नी, चार बहनें, चाचा और गांव के अन्य लोग शामिल हैं. अनुज की दादी ने आरोप लगाया कि जब वे पूछताछ करने आश्रम पहुंचे, तो उन्हें धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया और सीसीटीवी कैमरे भी चेक नहीं कराए गए. परिजनों का कहना है कि जब तक अनुज नहीं मिल जाता, वे आश्रम के बाहर से नहीं हटेंगे.
मौके पर पहुंची पुलिस और आश्रम का पक्ष
सूचना मिलते ही सीओ वृंदावन संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की. पुलिस टीम ने आश्रम के अंदर जाकर स्थिति और दीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड्स का जायजा लिया. पुलिस के साथ बाहर आए आश्रम के एक साधक ने बताया कि आश्रम के सेवादारों के ग्रुप में अनुज की फोटो भेजी गई है. गुरु पूर्णिमा के दौरान भी उसकी तलाश की गई थी, लेकिन अनुज का कोई सुराग नहीं मिला. आश्रम प्रबंधन ने कहा है कि वह परिवार की मदद के लिए तैयार है. हालांकि, परिजन इस जवाब से असंतुष्ट हैं.
सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि सादाबाद थाने और स्थानीय पुलिस को शिकायत मिल चुकी है. मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और युवक को परिजनों से मिलाने के प्रयास जारी हैं.