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Codine Cough Syrup Case Chandauli: उत्तर प्रदेश में बहुचर्चित कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार और तस्करी के सिंडिकेट के खिलाफ अब कानूनी शिकंजा तेजी से कसता जा रहा है. इसी क्रम में चंदौली जिले की पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए अदालत के आदेश पर मुख्य आरोपियों के घरों पर नोटिस चस्पा किए हैं। इस कार्रवाई से ड्रग्स माफियाओं और तस्करों में हड़कंप मच गया है.
FTC-1 अदालत के आदेश पर हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला जनपद की FTC-1 (फास्ट ट्रैक कोर्ट-1) अदालत से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने दो अलग-अलग मुकदमों—अपराध संख्या 570/2025 और 571/2025 के तहत यह सख्त कदम उठाया है। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की बेहद गंभीर धाराओं के तहत दर्ज इन मामलों में पुलिस लगातार तस्करों की धरपकड़ में जुटी हुई है.
आरोपियों के घर चस्पा की गई नोटिस
मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने कानून की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए मामले से जुड़े आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और उनके आवासों पर नोटिस चस्पा किया.
इनके घरों पर चस्पा हुए नोटिस
मुगलसराय पुलिस ने आरोपी अभिषेक, शुभम जायसवाल, प्रशांत कुमार केसरी, अंजलि रानी केसरी और आकाश गुप्ता (कुल 4-5 नाम सूची में शामिल) के आवासों पर नोटिस चस्पा किए हैं. पुलिस द्वारा चस्पा की गई इस नोटिस में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि आरोपी जल्द से जल्द न्यायालय के समक्ष उपस्थित हों, अन्यथा उनके खिलाफ आगे की और अधिक कठोर कानूनी प्रक्रिया (कुर्की व अन्य विधिक कार्रवाई) अमल में लाई जाएगी.
Lucknow: STF ने दाखिल की 38 हजार पन्नों की चार्जशीट
उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध और बड़े पैमाने पर चल रहे काले कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ा शिकंजा कसा है. एसटीएफ ने इस सिंडिकेट की जांच के सिलसिले में शनिवार को अदालत में चौथा आरोपपत्र (Charge Sheet) दाखिल कर दिया. लगभग 38 हजार पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें फरार चल रहे मास्टरमाइंड समेत चार नए नाम जोड़े गए हैं.
दुबई भागे शुभम जायसवाल समेत चार पर शिकंजा
एसटीएफ द्वारा दाखिल इस नई चार्जशीट में शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल, विकास सिंह नर्वे और अमित को आरोपी बनाया गया है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल और गौरव घटना सामने आने के बाद से ही देश छोड़कर दुबई भागे हुए बताए जा रहे हैं. एसटीएफ इनके प्रत्यर्पण और कानूनी शिकंजे को मजबूत करने की दिशा में जुटी हुई है.