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विशाल सिंह/Census 2027: आगामी जनगणना-2027 (Census 2027) के दूसरे चरण को लेकर उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में राज्य सरकार ने उन सरकारी कर्मचारियों और कार्मिकों को बड़ी राहत दी है, जो आगामी तीन महीनों के भीतर सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले हैं. सरकार के नए निर्देशों के मुताबिक ऐसे कार्मिकों को जनगणना ड्यूटी से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा.
तीन माह में रिटायर होने वालों को मिलेगी छूट
कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के संयुक्त सचिव कृपा शंकर यादव की ओर से सभी प्रमुख विभागों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं. आदेश में कहा गया है कि जो कर्मचारी अगले तीन महीनों में अपनी सेवा पूरी कर रहे हैं, उन्हें जनगणना-2027 के दूसरे चरण की व्यस्तता से दूर रखा जाए. इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि जनगणना का पूरा काम केवल पूरी तरह प्रशिक्षित कर्मचारियों से ही कराया जाए. एक बार प्रशिक्षण पूरा होने के बाद विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी को भी ड्यूटी से छूट नहीं दी जाएगी.
जिला स्तर पर प्रशासनिक तैयारियां और जिम्मेदारियां
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिला स्तर पर बड़े गणना ब्लॉकों को छोटे हिस्सों में बांटा जा रहा है, ताकि काम में कोई बाधा नहीं आए. इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को जिले में अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सीडीओ स्व-गणना (Self-Enumeration), कर्मचारियों की उपलब्धता और जन-जागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार की पूरी कमान संभालेंगे.
राज्य के विभिन्न जिलों में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है. उदाहरण के लिए, प्रयागराज में फील्ड ट्रेनरों का प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है. ये ट्रेनर आगे चलकर प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों को डिजिटल तरीके से आंकड़े दर्ज करने का प्रशिक्षण देंगे.
निर्धारित कार्यक्रम (Schedule)
स्व-गणना (Self-Enumeration): 16 से 30 नवंबर तक
मुख्य जनसंख्या गणना: 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक
पुनरीक्षण कार्य (Revision Work): 5 से 9 जनवरी तक
शासन ने स्पष्ट किया है कि छावनी परिषद (Cantonment Board) के अलावा किसी भी अन्य इकाई को विशेष इकाई नहीं माना जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए सरकार पारदर्शी और सटीक आंकड़े जुटाने की पुख्ता तैयारी में जुटी है.