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गोरखपुर में भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह के एक पत्र ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. शिक्षक एमएलसी चुनाव के बीच देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने हाथ से लिखे पत्र के जरिए शिक्षकों से अपमान के खिलाफ वोट करने की अपील की है. इसे भाजपा प्रत्याशी ध्रुवनारायण त्रिपाठी के लिए चुनौती और सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के लिए संभावित समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, देवेंद्र प्रताप सिंह ने किसी प्रत्याशी के समर्थन या विरोध की बात से इनकार किया है.
गोरखपुर में भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक है या नहीं? इस सवाल को एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के एक पत्र ने फिर चर्चा में ला दिया है. फैजाबाद-गोरखपुर स्नातक क्षेत्र से भाजपा के विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने 19 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर अपने हाथ से लिखा हुआ एक पत्र साझा किया. इस पत्र में उन्होंने शिक्षकों से अपील की, “इस बार अपमान के खिलाफ वोट करो.”
उनकी इस अपील को शिक्षक एमएलसी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. राजनीतिक चर्चाओं में इसे भाजपा प्रत्याशी ध्रुवनारायण त्रिपाठी के खिलाफ और भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए संजयन त्रिपाठी के पक्ष में संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, देवेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि वह न तो किसी का समर्थन कर रहे हैं और न ही किसी का विरोध.
दरअसल, बीते 12 अक्टूबर को आयोजित शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी शामिल होने का कार्यक्रम था. मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले सांसदों और विधायकों समेत कई जनप्रतिनिधियों का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना शुरू हो गया था. इसी दौरान देवेंद्र प्रताप सिंह भी मंच पर पहुंचे. आरोप है कि क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने उन्हें यह कहते हुए मंच से नीचे जाने को कहा कि संबंधित लोगों के बैठने की व्यवस्था नीचे की गई है.
इस घटनाक्रम से देवेंद्र प्रताप सिंह कथित तौर पर आहत हुए और नाराज होकर कार्यक्रम स्थल से लौट गए. इसके बाद उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की. हालांकि, देवेंद्र प्रताप सिंह ने उस समय सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी थी. अब शिक्षक एमएलसी चुनाव के बीच उनकी हाथ से लिखी चिट्ठी सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
देवेंद्र प्रताप सिंह इससे पहले भी कई मुद्दों पर अपनी ही पार्टी और सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं. डॉक्टर-सिपाही प्रकरण से लेकर छात्रों से जुड़े मुद्दों तक, उनके बयानों और विरोध के तरीके को लेकर चर्चा होती रही है.
इस पूरे घटनाक्रम पर देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि नवरात्रि के दौरान उनका व्रत चल रहा था. इस वजह से वह न तो किसी से मिल रहे थे और न ही उनकी किसी से बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि इस दौरान भाजपा की ओर से कोई उनसे मिलने आया था या नहीं. उनका मानना है कि जहां अपमान हो, वहां नहीं जाना चाहिए. इसी वजह से उन्होंने अपमान के खिलाफ वोट करने की अपील की है.
जब जी मीडिया संवाददाता नागेंद्र मणि त्रिपाठी ने फोन पर उनसे बात की, तो उन्होंने कहा कि वह न तो किसी का समर्थन कर रहे हैं और न ही किसी का विरोध. खबर चलाने को लेकर उन्होंने कहा कि जो खबर चलाना चाहते हैं, चला सकते हैं, उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है. फिलहाल, देवेंद्र प्रताप सिंह की इस अपील को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं, लेकिन उन्होंने किसी प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर समर्थन नहीं दिया है. ऐसे में शिक्षक एमएलसी चुनाव में उनकी चिट्ठी का क्या सियासी असर पड़ता है? यह देखना अहम होगा.
(गोरखपुर से नागेंद्र मणि त्रिपाठी की रिपोर्ट)