फर्जी फर्म के जरिए 3.06 करोड़ का फर्जीवाड़ा: एसआईटी के हत्थे चढ़ा वांछित आरोपी, पूछताछ में उगले सिंडिकेट के बड़े राज
बरेली में फर्जी फर्म के माध्यम से करीब 3.06 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट पासऑन करने का मामला सामने आया है. इस मामले में इज्जतनगर पुलिस और जीएसटी एसआईटी की टीम ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है.
बरेली, अजय कश्यप: उत्तर प्रदेश के बरेली में फर्जी फर्म के जालसाजी और करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है. इज्जतनगर पुलिस और जीएसटी एसआईटी की संयुक्त टीम ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई 3.06 करोड़ रुपये की ट्रैक्स चोरी और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पासऑन करने के मामले में हुई है. पकड़े गए आरोपी की पहचान 25 वर्षीय सचिन कुमार के रूप में हुई है. आरोपी बरेली के कोतवाली थाना क्षेत्र के बिहारीपुर के किशोर बाजार का रहने वाला है.
राज्य कर विभाग के उपायुक्त की शिकायत पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, राज्य कर विभाग के उपायुक्त, खंड-08, बरेली ने लिखित शिकायत की थी. उनकी शिकायत के आधार पर थाना इज्जतनगर में मुकदमा दर्ज हुआ था. आरोप है कि एम/एस जगेश्वर ट्रेडर्स के मालिक अमन कश्यप और सचिन कुमार ने मिलकर अस्तित्वहीन और फर्जी फर्म के जरिए बोगस आईटीसी का अनुचित लाभ उठाया और दूसरे व्यापारियों को भी इसका अवैध लाभ देकर ट्रैक्स चोरी को अंजाम दिया.
जब जांच शुरू हुई तो फर्म का कारोबारी स्थल मौल्या मार्केट, छोटी बिहार, पीलीभीत बाईपास पर मौजूद नहीं मिला.
पूछताछ में खुला मास्टरमाइंड का खेल
पुलिस पूछताछ में आरोपी सचिन कुमार ने जो खुलासे किए, उसने इस पूरे सिंडिकेट के काले कारोबार की परतें उधेड़ दीं. पुलिस का कहना है कि सचिन ने बताया कि उसकी मुलाकात प्रशांत गुप्ता से विशप मंडप नुमाइश में हुई थी. आरोप है कि प्रशांत ने ही उसे और उसके परिचितों को उनके दस्तावेजों के आधार पर कागजी फर्म बनवाकर कारोबार दिखाने और रुपये देने का प्रस्ताव दिया था.
सचिन के मुताबिक, इसके बाद उसने अमन कश्यप और अरुण कुमार को भी इसके लिए तैयार किया. उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो लिए गए. सचिन ने पुलिस को बताया कि उसे करीब छह महीने तक रुपये मिलते रहे.
अन्य आरोपियों पर भी कस रहा शिकंजा
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में करीब 3.06 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप है. प्रशांत गुप्ता को इससे पहले भी इज्जतनगर थाने में दर्ज एक अन्य मुकदमे में 12 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. वह आंवला और इज्जतनगर थानों में दर्ज अन्य मुकदमों में भी वांछित बताया गया है. कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अपराध के पर्यवेक्षण में की गई. टीम का नेतृत्व थाना कैंट के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर ने किया.
पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और उनके बैंक खातों की छानबीन कर रही है. ताकि, इस नेटवर्क से जुड़े हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके.
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