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आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से फिर झटका! ED वाले नए केस में जमानत पर सुनवाई से किया इनकार; 16 नवंबर को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट से आजम खान को बड़ा झटका लगा है. सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी याचिका सुनने से मना कर दिया है. इस याचिका को दोबारा हाई कोर्ट के पास भेज दिया गया है.

Edited By Preeti Chauhan
Published: Nov 05, 2026, 01:06 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 01:17 PM IST
Image Credit: Azam Khan
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नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. ED के नए मामले में जमानत को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा - पहले हाईकोर्ट जाइए। इसके बाद याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया।सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि इस मामले को 16 नवंबर को डिवीजन बेंच के सामने सुनवाई के लिए लगाया जाए. साथ ही ये भी कहा है कि 16 नवंबर को ही सुनवाई के दौरान आजम खान की जमानत अर्जी पर अंतरिम आदेश भी पारित किया जाए. यानी अब सबकी नजर 16 नवंबर की सुनवाई पर टिकी है.

जेल से निकलते ही फिर हो गए थे गिरफ्तार

आजम खान को फर्जी पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली थी और वो जेल से बाहर आए थे. लेकिन बाहर आते ही ED की टीम पहले से तैयार बैठी थी. कागजी कार्रवाई पूरी करते ही ED ने उन्हें नए मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया. फिर इसके बाद गाजियाबाद की स्पेशल PMLA अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. आजम खान ने इसी गिरफ्तारी और ED की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. उन्होंने कोर्ट से तुरंत दखल देकर गिरफ्तारी से राहत देने की गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने सीधे दखल देने से मना कर दिया.

क्या है जौहर यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग केस?

ED की ये पूरी कार्रवाई रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ी है. आजम खान इस ट्रस्ट के संस्थापक रहे हैं. ED का आरोप है कि सपा सरकार के सम जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में करोड़ों रुपये के सरकारी फंड और सार्वजनिक धन का गलत इस्तेमाल हुआ. इस मामले में ED ने PMLA के तहत केस दर्ज किया है और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी सैकड़ों करोड़ रुपये की संपत्तियों को भी अस्थायी तौर पर कुर्क किया था.

अब आगे क्या होगा?

अब आजम खान को राहत मिलेगी या उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी, इसका फैसला 16 नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच की सुनवाई के बाद ही साफ होगा.
 

सुप्रीम कोर्ट से आजम खान को बड़ा झटका; ED गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार
 

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About the Author

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
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