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अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली क्षेत्र में 14 अगस्त को बादल फटने और अचानक आई बाढ़ की प्राकृतिक आपदा में शहीद हुए अलवर जिले के केसपुर गांव निवासी अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां अलवर पहुंच गई हैं.
इटाराना सैनिक छावनी से शहीद की अस्थियों को पूरे सैन्य सम्मान और श्रद्धा के साथ उनके पैतृक गांव केसपुर ले जाया गया है. गांव पहुंचने पर सर्व समाज की ओर से वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनका स्वागत किया गया. गांव में सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी.
अरुणाचल में प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए थे समुद्र गुर्जर
जानकारी के अनुसार, अग्निवीर समुद्र गुर्जर 14 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली क्षेत्र में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गए थे. इस प्राकृतिक आपदा में उनकी जान चली गई थी. देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले समुद्र गुर्जर की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई थी.
दो बहनों का इकलौता भाई था समुद्र, परिवार का था सहारा
समुद्र गुर्जर अपने परिवार में दो बहनों के इकलौते भाई थे. वे माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा होने के साथ ही परिवार की उम्मीदों का केंद्र भी थे. देश सेवा का जज्बा लेकर सेना में शामिल हुए इस युवा अग्निवीर की असमय शहादत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया.
अस्थियां गांव पहुंचीं तो भावुक हुआ माहौल, ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि
आज जब शहीद समुद्र गुर्जर की अस्थियां उनके पैतृक गांव केसपुर के स्टैंड पर पहुंचीं तो वहां भावुक माहौल बन गया. केसपुर सहित आसपास के गांवों के लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी. एक ओर पूरा गांव अपने लाडले को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित है, वहीं देश की रक्षा और सेवा में प्राण न्योछावर करने वाले इस युवा अग्निवीर की शहादत पर हर आंख नम है.
तीन महीने पहले हुई थी शादी, पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल
वहीं, समुद्र गुर्जर की पत्नी भी रोते-बिलखते हुए अंतिम विदाई देने पहुंची. समुद्र की शादी उनके लापता होने के करीब 3 महीने पहले मई 2026 में हुई थी. अग्निवीर समुद्र की मां ने भी बेटे को नम आंखों से विदाई दी. बेटे की अस्थियों पर बिलख-बिलख कर रो पड़ी. अग्निवीर को सबसे पहले पिता बदली गुर्जर ने अंतिम विदाई दी. इस दौरान वे बिलख-बिलख कर रोने लगे.
Report- Jugal Gandhi