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राम मंदिर दान-चढ़ावा चोरी: 200 से ज्यादा CCTV और 85 बार नोट चोरी का बड़ा खुलासा,पढ़ें पुलिस चार्जशीट की 20 बड़ी बातें

Ayodhya Ram Temple Theft Chargesheet: अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर दान चोरी केस में 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. 74 हजार पन्नों की चार्जशीट में 200 से ज्यादा CCTV फुटेज और 700 बैंक खातों को सबूत बनाया गया है. पढ़िए राम मंदिर दान चोरी की चार्जशीट की 20 बड़ी बातें.

राम मंदिर दान-चढ़ावा चोरी: 200 से ज्यादा CCTV और 85 बार नोट चोरी का बड़ा खुलासा,पढ़ें पुलिस चार्जशीट की 20 बड़ी बातें
Image Credit: Ram Mandir Donation Theft Case

अयोध्या/प्रमोद शर्मा: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम में हुई कथित चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर आठ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में 200 से अधिक CCTV फुटेज, 133 गवाहों के बयान और बैंक-संपत्ति के दस्तावेजों के आधार पर बड़ा खुलासा किया गया है.

25 जून को दर्ज हुआ था मुकदमा
चार्जशीट के मुताबिक, 4 जून 2026 को दान की रकम में पहली बार गड़बड़ी की जानकारी सामने आई थी. उसी रात करीब 10 बजे गिनती कक्ष का एक वीडियो और संदेश सामने आया, जिसमें कर्मचारियों की संदिग्ध गतिविधियां दिखीं. 5 जून को चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को वीडियो दिखाए जाने के बाद जांच तेज हुई और 25 जून 2026 को ट्रस्टी कृष्ण मोहन की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया. जांच के बाद आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई.

4 जून को सामने आया चोरी का मामला
चार्जशीट के मुताबिक, 4 जून 2026 को गिनती कक्ष में दान की रकम से जुड़ी गड़बड़ी की जानकारी सामने आई। आनंद कुमार चौधरी के बयान के अनुसार, उस दिन ड्यूटी खत्म होने के बाद उन्हें इस मामले से जुड़ी जानकारी मिली थी।

वीडियो और संदेश से खुला मामला
4 जून की रात करीब 10 बजे गिनती कक्ष से जुड़ा एक वीडियो और लिखित संदेश भेजा गया. वीडियो में नोटों की गिनती के दौरान कर्मचारियों की गतिविधियां दिखाई दे रही थीं. इसके बाद दान की रकम में गड़बड़ी की आशंका गहराई.

5 जून को अधिकारियों को दिखाया गया वीडियो
चार्जशीट में दर्ज घटनाक्रम के मुताबिक, 5 जून को अयोध्या पहुंचने पर चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को गिनती कक्ष से जुड़ा वीडियो दिखाया गया. इसके बाद मामले की जांच में गिनती कक्ष में काम करने वाले कर्मचारियों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया.

दान की रकम गिनने की व्यवस्था का उठाया फायदा
मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले दान और चढ़ावे की रकम गिनने के लिए निर्धारित व्यवस्था थी. इस काम में ट्रस्ट, SBI और सिक्योरिटी सर्विसेज से जुड़े कर्मचारी शामिल थे.पुलिस का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों ने अपनी पहुंच का फायदा उठाकर रकम निकाली.

200 से ज्यादा CCTV फुटेज में गतिविधियां सामने आने का दावा
इस मामले में 200 से ज्यादा CCTV फुटेज में आरोपियों की गतिविधियां सामने आने की बात बताई गई है. चार्जशीट में अलग-अलग आरोपियों के रकम निकालने और दूसरे कर्मचारियों की मदद करने की घटनाएं दर्ज हैं.

अविनाश शुक्ला उर्फ शनि पर सबसे ज्यादा बार रकम निकालने का आरोप
CCTV विश्लेषण के मुताबिक, अविनाश शुक्ला 85 बार खुद दान की रकम निकालते और चार बार दूसरे आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया. उसके पास से नकदी, विदेशी मुद्रा और चांदी की वस्तुएं बरामद होने का भी उल्लेख है.

करुणेश पांडेय पर 68 बार मदद करने का आरोप
करुणेश पांडेय दो बार खुद रकम निकालते और 68 बार दूसरे आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया. पुलिस ने उसके बैंक खातों और परिजनों के खातों में जमा रकम की भी जांच की.

मनीष कुमार यादव की भूमिका
मनीष कुमार यादव 16 बार खुद दान की रकम निकालते और 19 बार दूसरे आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया. पुलिस ने उसके बैंक खातों और परिवार के सदस्यों के खातों में हुए लेन-देन की भी जांच की.

लवकुश मिश्रा पर 52 बार मदद करने का आरोप
लवकुश मिश्रा एक बार खुद रकम निकालते और 52 बार दूसरे आरोपियों की मदद करते दिखाई दिया. चार्जशीट में उसकी पत्नी के नाम पर जमीन खरीदने और उस पर मकान बनवाने में रकम खर्च किए जाने का उल्लेख है.

अनुकूल मिश्रा पर 56 बार मदद करने का आरोप
अनुकूल मिश्रा 56 बार दूसरे आरोपियों को दान की रकम निकालने में मदद करते दिखाई दिया. पुलिस ने उसके मोबाइल फोन के डेटा, बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की.

रामशंकर मिश्रा की भूमिका
रामशंकर मिश्रा एक बार खुद दान की रकम निकालते दिखाई दिया. पुलिस ने उसके और परिजनों के बैंक खातों में जमा रकम तथा संपत्ति से जुड़े लेन-देन की भी जांच की.

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर कथित साजिश में शामिल होने का आरोप
पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ बिट्टू के बैंक खातों, परिजनों के खातों, संपत्ति और वाहन से जुड़े लेन-देन की जांच की. चार्जशीट में उसे कथित साजिश और चोरी की रकम के इस्तेमाल से जोड़कर देखा गया है.

सुभाष श्रीवास्तव पर निगरानी में लापरवाही का आरोप
सुभाष श्रीवास्तव गिनती कक्ष की व्यवस्था और कर्मचारियों की निगरानी से जुड़ा था. पुलिस का आरोप है कि उसने निर्धारित प्रक्रिया का ठीक से पालन नहीं कराया और रकम निकालने की गतिविधियों को रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए.

133 लोगों को गवाह बनाने की बात
इस मामले में पुलिस की ओर से 133 लोगों को गवाह बनाए जाने की जानकारी दी गई है. इनमें शिकायतकर्ता, ट्रस्ट से जुड़े लोग, गिनती कक्ष के कर्मचारी और बैंक व सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोग शामिल बताए गए हैं.

बैंक खातों में लाखों रुपये नकद जमा होने का आरोप
चार्जशीट में अनुकूल मिश्रा के HDFC खाते में करीब 21.11 लाख रुपये और SBI खाते में करीब 4.5 लाख रुपये नकद जमा होने का उल्लेख है. अविनाश शुक्ला और उसके परिजनों के खातों में करीब 6.71 लाख रुपये नकद जमा होने की बात भी दर्ज है.

परिजनों के बैंक खातों का भी इस्तेमाल किए जाने का आरोप
पुलिस ने आरोपियों के साथ उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों की भी जांच की.चार्जशीट में लवकुश मिश्रा की पत्नी के खाते में करीब 14.39 लाख रुपये, करुणेश पांडेय के परिजनों के खातों में करीब 20.18 लाख रुपये और रामशंकर मिश्रा के परिजनों के खातों में करीब 20.93 लाख रुपये जमा होने का उल्लेख है.

जमीन और मकान खरीदने में रकम खर्च करने का आरोप
लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर करीब 22.52 लाख रुपये की जमीन खरीदी गई. इस जमीन पर मकान बनाने में करीब 20.91 लाख रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख है. दोनों को मिलाकर करीब 43.43 लाख रुपये का खर्च बताया गया है. पुलिस का आरोप है कि इसमें अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल हुआ.

मोबाइल, CDR और बरामदगी भी जांच का हिस्सा
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक स्टेटमेंट, CCTV फुटेज और संपत्ति के दस्तावेजों की जांच की. आरोपियों के पास से मिली नकदी, विदेशी मुद्रा और अन्य वस्तुओं को भी जांच में शामिल किया गया. पुलिस का दावा है कि इन साक्ष्यों से आरोपियों के बीच संपर्क और कथित साजिश की कड़ियां सामने आईं.

आठों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
पुलिस ने अनुकूल मिश्रा, करुणेश पांडेय, मनीष कुमार यादव, लवकुश मिश्रा, रामशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, रामशंकर यादव उर्फ बिट्टू और सुभाष श्रीवास्तव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया है. पुलिस का आरोप है कि दान की रकम निकालने, दूसरे कर्मचारियों की मदद करने और कथित तौर पर उस धन से संपत्ति अर्जित करने की गतिविधियां आपस में जुड़ी थीं। अब आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी.

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Preeti Chauhan

Preeti Chauhan

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
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