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Ayodhya Ram Mandir theft: अयोध्या स्थित प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने बुधवार को अदालत में करीब 7,000 पन्नों की विशालकाय चार्जशीट दाखिल कर दी. 90 दिनों की समयसीमा पूरी होने (25 सितंबर) से ठीक पहले दाखिल की गई इस चार्जशीट में करीब 173 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, जबकि सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण के बाद चोरी की 105 अलग-अलग घटनाओं की पहचान की गई है.
जांच और चार्जशीट (SIT रिपोर्ट) -SIT की तीन अलग-अलग स्तरों (थ्री-ट्रैक) पर चली लंबी जांच के बाद 23 सितंबर को अयोध्या की एंटी-करप्शन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई.
चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी नहीं, बने गवाह
चार्जशीट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों, चंपत राय और अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है.एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन को इस पूरे मामले में गवाह (Witness) बनाया गया है, जो अदालत में अपनी गवाही देंगे.
चार्जशीट को लेकर कोर्ट परिसर में हंगामा
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत परिसर में स्थानीय वकीलों ने विरोध जताया। वकीलों ने मांग की कि अदालत द्वारा चार्जशीट पर संज्ञान लेने से पहले उनकी आपत्तियों को सुना जाए. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ वकीलों ने चंपत राय समेत ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख लोगों को आरोपी नहीं बनाए जाने पर भी सवाल उठाए. वकीलों ने पूरी चार्जशीट देखने की मांग की. बाद में जिला जज से बातचीत के बाद वकीलों ने अपना काम फिर शुरू कर दिया.
CCTV, फॉरेंसिक ऑडिट और नकदी बरामदगी बनी आधार
जांच टीम ने मंदिर के काउंटिंग रूम की सीसीटीवी फुटेज का विस्तार से विश्लेषण किया गया, जिससे नकदी निकालने और छिपाने की 105 वारदातों का पर्दाफाश हुआ.
एसआईटी ने चार्जशीट में क्या?
79.85 लाख रुपये नकद, कार और कीमती आभूषणों की बरामदगी का उल्लेख किया गया है. सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ फॉरेंसिक ऑडिट, वित्तीय रिकॉर्ड्स और 173 गवाहों के बयानों को पुख्ता सबूत बनाया है.
25 सितंबर से पहले दाखिल करनी थी चार्जशीट
इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि एसआईटी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर से पहले चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी.जांच के लिए निर्धारित 90 दिनों की अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही थी.