"पर्दे में रहकर रील बनाओ" वाले बयान पर बवाल, मौलाना वसी अशरफ को संत समाज ने घेरा, माफी की मांग
संभल के मौलाना वसी अशरफ ने मुस्लिम लड़कियों के रील बनाने पर कहा-पर्दे में रहकर रील बनाओ, नहीं तो होगा रेप. इस बयान पर अयोध्या के संत विष्णुदास और महिला वर्ग ने आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की है.
अयोध्या/संभल: संभल के मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना वसी अशरफ का मुस्लिम लड़कियों के रील बनाने पर दिया गया बयान अब विवादों में घिर गया है.मौलाना के बयान पर संत समाज और महिला वर्ग ने कड़ी आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की है.
क्या कहा था मौलाना ने?
मौलाना वसी अशरफ ने कहा था कि मुस्लिम लड़कियां पर्दे में रहकर रील बना सकती हैं, इसमें कोई हर्ज नहीं है. उन्होंने दावा किया था कि बेपर्दा होने और वेस्टर्न कल्चर अपनाने से रेप जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं. पर्दे में रहने से जज्बात नहीं भड़केंगे. हालांकि, महिलाओं के पहनावे को रेप की वजह बताने के उनके दावे के समर्थन में कोई तथ्य या प्रमाण नहीं दिया गया. कानूनन महिला अपराध के लिए अपराधी ही जिम्मेदार होता है.
मौलाना वसी अशरफ ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर जिस तरह की रील बनाई जा रही हैं, उन्हें लेकर लड़कियों को सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने पश्चिमी देशों की संस्कृति की नकल करने पर भी सवाल उठाए और कहा कि मुस्लिम लड़कियों को अपनी धार्मिक मान्यताओं और पर्दे का ध्यान रखना चाहिए. मौलाना ने कहा कि जब महिलाओं के खिलाफ अपराध होते हैं, तो लोगों को कैंडल मार्च निकालने और धरना-प्रदर्शन करने पड़ते हैं.उनका कहना है कि मुस्लिम लड़कियां पर्दे का पालन करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी बात रखें. उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर लड़कियों की रील, धार्मिक मान्यताओं और महिला सुरक्षा को लेकर बहस का मुद्दा सामने रखा है.
बयान पर पलटवार, माफी की मांग
मौलाना के इस बयान के सामने आने के बाद विरोध शुरू हो गया है. अयोध्या के संत विष्णुदास महंत और एक अन्य महिला पक्ष की ओर से जारी बाइट में कहा गया - "संभल के मौलाना बहनों से कह रहे हैं पर्दे में रहकर रील बनाओ तो सुरक्षित रहोगी। क्या हमारी मुस्लिम समाज की बहनें पर्दे में नहीं हैं? हमारी मुस्लिम बहनें सभी पर्दे में ही रहती हैं। आप पहले अपने अंदर, अपने मदरसों में झांक कर देखिए क्या हो रहा है। बहुत ऐसे मौलाना हैं जो अत्याचार करते हैं। आप अपनी सोच बदलिए और बहनों से माफी मांगिए। आपने बिल्कुल गलत कहा।"
विरोध करने वालों का कहना है कि मौलाना को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए था और उन्हें अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर रील कल्चर, धार्मिक मान्यता और महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है.