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रामनगरी अयोध्या इस बार दीपोत्सव पर एक नए और भव्य अवतार में नजर आने वाली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित होने जा रहे 10वें दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास बनाने की पूरी तैयारी हो चुकी है. इस बार सरयू तट पर सिर्फ दीपों की जगमगाहट ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत संगम भी देखने को मिलेगा.
वैश्विक मंच पर गूंजेगी रामकथा
दीपोत्सव के दौरान 5 से ज्यादा देशों के कलाकार अपनी-अपनी लोक परंपराओं, वेशभूषा और शैलियों में रामलीला का मंचन करेंगे. दक्षिण अफ्रीका की दो टीमों के साथ-साथ श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकारों की रामलीला प्रस्तुतियां तय की जा चुकी हैं.
इसके अलावा फिलीपींस, थाईलैंड और रूस के कलाकारों को भी इस आयोजन से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है. इन प्रस्तुतियों से अयोध्या में विभिन्न देशों की कला, संगीत, नृत्य और रंगमंच की झलक एक साथ देखने को मिलेगी.
12 मंच और 2500 कलाकारों की प्रस्तुति
अयोध्या में सांस्कृतिक भव्यता को आकार देने के लिए संस्कृति विभाग कुल 12 मंच तैयार कर रहा है. जिसमें 6 लघु, 4 मध्यम और 2 दीर्घ मंच हैं. इन मंचों पर देश-विदेश के लगभग 2500 कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे. भारत के असम, बंगाल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और केरल जैसे अलग-अलग राज्यों के लोक कलाकार भी श्री रामचरित एवं रामकथा पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे.
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार व विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मुताबिक, यह आयोजन अयोध्या को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा. श्री राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन (Cultural Tourism) का भी बड़ा केंद्र बन चुकी है.
विदेशी कलाकारों की भागीदारी से स्थानीय पर्यटन, हस्तशिल्प और व्यापारियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा.
इस दीपोत्सव में विभिन्न भाषाओं और परंपराओं के माध्यम से भगवान श्री राम के आदर्शों, मर्यादा और जीवन दर्शन को एक वैश्विक मंच मिलेगा, जो अयोध्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और समृद्ध करेगा. इस बार अयोध्या के दीपोत्सव में केंद्रीय मंत्री अमित शाह भी शामिल होंगे.