App

रात को मोबाइल चार्जिंग क्यों बंद: MLA रविंद्र सिंह भाटी ने रेलवे के तुगलकी फरमान पर उठाया बड़ा सवाल

ट्रेन में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के रेलवे के आदेश पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से यात्रियों की सुविधा को देखते हुए फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है.

रात को मोबाइल चार्जिंग क्यों बंद: MLA रविंद्र सिंह भाटी ने रेलवे के तुगलकी फरमान पर उठाया बड़ा सवाल
Image Credit: बाड़मेर-जयपुर ट्रेन से सफर के दौरान रविंद्र भाटी का रेलवे पर बड़ा हमला

राजस्थान के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने ट्रेन में रात के समय मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के रेलवे के आदेश पर सवाल उठाए हैं. भाटी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया के जरिए पत्र लिखकर इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है. उन्होंने बताया कि वे बाड़मेर से जयपुर के लिए ट्रेन संख्या 20489 में सफर कर रहे थे. यह ट्रेन रात 9:50 बजे बाड़मेर से रवाना हुई थी. रेलवे के आदेश के अनुसार रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखे जाते हैं. भाटी ने कहा कि आज के समय में मोबाइल और दूसरे डिजिटल उपकरण लोगों की जरूरत बन चुके हैं. ऐसे में यात्रियों को छह घंटे तक चार्जिंग सुविधा से वंचित रखना उचित नहीं है.

क्या है रेलवे का चार्जिंग पॉइंट बंद करने का आदेश?
रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर 2026 को सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी कर पुराने आदेश का सख्ती से पालन कराने को कहा है. इसके तहत ट्रेनों में मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के लिए लगे चार्जिंग पॉइंट रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक बंद रखे जाने हैं. रेलवे ने साफ किया है कि इस नियम में किसी तरह की छूट नहीं दी जानी चाहिए. संबंधित कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षण देने और अधिकारियों व सुपरवाइजरों से औचक निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए हैं.

किन ट्रेनों और रूट पर लागू है यह नियम?
यह आदेश किसी एक ट्रेन, राज्य या रेलवे रूट के लिए नहीं है. रेलवे बोर्ड ने इसे सभी जोनल रेलवे में लागू करने के निर्देश दिए हैं. यानी देशभर में रेलवे के संबंधित जोन के अंतर्गत चलने वाली ट्रेनों में निर्धारित व्यवस्था का पालन किया जाना है. हालांकि, 2014 में जारी मूल आदेश में विशेष रूप से एसी कोचों के मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की बात कही गई थी. नवंबर 2023 में स्लीपर कोच में आग लगने की घटना के बाद गैर-एसी कोचों में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की गई थी. लेकिन रेलवे बोर्ड ने गैर-एसी कोचों में कर्मचारियों की तैनाती की लागत को व्यावहारिक चुनौती बताया था. इसलिए सभी श्रेणियों के कोचों में इसके एकसमान इम्प्लीमेंटेशन का दावा करना सही नहीं होगा.

आखिर क्यों लिया गया यह फैसला?
रेलवे ने यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर शुरू की थी. जून 2014 में रेलवे बोर्ड ने चार्जिंग पॉइंट रात में बंद रखने के निर्देश दिए थे. इससे पहले 2013 में हजूर साहिब नांदेड़-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस के एसी थ्री टियर कोच में आग लगने की घटना हुई थी. इसके बाद रेल सुरक्षा आयुक्त ने रात में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की सिफारिश की थी. हाल ही में दक्षिण पूर्व रेलवे में भी चार्जिंग के दौरान एक यात्री का पावर बैंक फट गया और धुआं निकलने लगा. इस घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर को फिर से आदेश के पालन पर जोर दिया.

भाटी ने रेल मंत्री से क्या मांग की?
रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि रात के समय किसी यात्री को आपात स्थिति का सामना करना पड़े तो मोबाइल की बैटरी खत्म होने पर वह परिजनों से संपर्क कैसे करेगा? उन्होंने रेल मंत्री से यात्रियों की सुविधा, जरूरत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार करने या इसका कोई ऑप्शनल समाधान निकालने का आग्रह किया है.
 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

Zee Rajasthan Web Team

Zee Rajasthan Web Team

राजस्थान की सबसे भरोसेमंद और तेज़ डिजिटल न्यूज़ डेस्क. प्रामाणिक खबरें, राजनीतिक हलचल, लोकल अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज़ और हर ज़िले की हर बड़ी गतिविधि सबसे पहले और सटीक अंदाज़ में. जुड़े रहिए हमारे साथ—सच बेबाक, राजस्थान तक
Read More