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भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत के मामले में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. ट्विशा की मौत के बाद सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने जज, DGP रैंक के एक IPS अधिकारी और ACS रैंक के अधिकारी को फोन किया था. यह बात 12-13 मई के कॉल रिकॉर्ड से सामने आई है. हाई कोर्ट में 56 पन्नों का एक दस्तावेज सौंपा गया है. दस्तावेजों के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने हाईकोर्ट के एक पूर्व जज से 4 बार, एक एडीजे (ADJ) से 12 बार, डीजीपी स्तर के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से 6 बार और एसीएस (ACS) स्तर के प्रशासनिक अधिकारी से 4 बार फोन किया था. इन संपर्कों के सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और अधिक बढ़ गई है.
जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष और CBI दोनों ने आरोपी की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. CBI ने दलील दी कि गिरिबाला सिंह एक बहुत प्रभावशाली महिला हैं और अगर उन्हें जमानत मिल जाती है, तो वह इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई और सबूतों के साथ काफी छेड़छाड़ कर सकती हैं. दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने फिलहाल जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
जमानत पर सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने कोर्ट में कहा कि ट्विशा शर्मा की मौत में उसकी सास गिरिबाला सिंह का कोई हाथ नहीं है. उनके खिलाफ ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो ये साबित करे कि वह इस मामले में शामिल हैं. वकील ने कहा कि अगर गिरिबाला को भागना होता तो वह पहले ही भाग जातीं. साथ ही उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को भी गलत बताया. वकील ने कोर्ट को बताया कि घटनास्थल पर लगे CCTV का पासवर्ड कई लोगों के पास था.
बता दें कि इस साल मई में भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने घर पर अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके पक्ष ने इसे हत्या बताया. शुरुआत में इस मामले की जांच भोपाल पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसे CBI को सौंप दिया गया. जांच के दौरान CBI ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था. अब ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं और प्रशासनिक संपर्कों की ये परतें न्याय प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े करती हैं.