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UP BJP Booth Verification/ विशाल रघुवंशी: अगले साल उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जिसे ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक धार देने के लिए एक बड़ा और व्यापक रणनीति प्लान तैयार किया है. इस रणनीति के तहत बूथ प्रबंधन को सबसे अहम हथियार बनाया गया है. प्रदेश संगठन को मजबूत करने और कमजोर कड़ियों को पहचानने के लिए बीजेपी 3 और 4 सितंबर को पूरे राज्य में एक विशाल सत्यापन अभियान चलाने जा रही है.
1918 मंडलों में तैनात होंगे 2000 से ज्यादा प्रवासी नेता
इस विशेष सत्यापन अभियान के अंतर्गत पार्टी के 2000 से अधिक वरिष्ठ पदाधिकारियों और अनुभवी कार्यकर्ताओं को 'प्रवासी' के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन नेताओं को उनके गृह जिलों या क्षेत्रों से अलग, राज्य के 1918 मंडलों में भेजा जाएगा. प्रवासी नेताओं की यह भूमिका निष्पक्ष और वास्तविक आकलन सुनिश्चित करने के लिए तय की गई है, ताकि स्थानीय गुटबाजी या किसी पूर्वाग्रह के बिना निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जा सके.
बूथ स्तर की सक्रियता का मौके पर होगा भौतिक सत्यापन
3 और 4 सितंबर को मंडल और बूथ स्तर पर पहुंचने वाले ये प्रवासी नेता जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे. इस दौरान वे कई बिंदुओं की गहन समीक्षा करेंगे. इस दौरान प्रत्येक बूथ पर पार्टी की टीम और पन्ना प्रमुखों की मौजूदगी और उनकी वास्तविक क्रियाशीलता की जांच की जाएगी. इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आम मतदाताओं से संपर्क की स्थिति और संवाद का फीडबैक लिया जाएगा.
साक्ष्यों के साथ तैयार होगी विस्तृत रिपोर्ट
प्रवासी नेता स्थानीय मंडल कार्यकारिणी, सेक्टर संयोजकों और बूथ कमेटियों के गठन की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कार्यकर्ताओं का चयन पारदर्शी ढंग से हुआ है. अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सभी प्रवासी नेता केवल मौखिक जानकारी पर निर्भर नहीं रहेंगे. वे तथ्यों को प्रमाणित करने के लिए साक्ष्यों और आंकड़ों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे. यह रिपोर्ट सीधे प्रदेश संगठन को सौंपी जाएगी.
कमजोर बूथों को मजबूत करने की बनेगी ठोस रणनीति
इस व्यापक सत्यापन अभियान और प्रवासी नेताओं द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर भाजपा प्रदेश संगठन के पास जमीनी स्तर का अपडेटेड डेटा उपलब्ध होगा. पार्टी इस रिपोर्ट के जरिए कमजोर बूथों की सटीक पहचान करेगी और चुनाव से पहले उन क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति बनाएगी. इस अभियान के जरिए भाजपा का लक्ष्य अपने बूथ ढांचे को पूरी तरह से अचूक और सक्रिय बनाना है.