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यूपी की सड़कों पर इन दिनों तेज रफ्तार का कहर इस कदर हावी हो चुका है कि जरा सी लापरवाही मासूम जिंदगियों को निगल रही है. ताजा मामले अमरोहा और महोबा जिलों से सामने आए हैं, जहां तेज रफ्तार वाहनों से हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने कोहराम मचा दिया. इन हादसों के बाद जहां एक तरफ परिवारों में हड़कंप मच गया, वहीं दूसरी तरफ गुस्साए लोगों का आक्रोश सड़कों और थानों पर फूट पड़ा.
थार ने बाइक सवार दो भाइयों को रौंदा
पहली दर्दनाक घटना अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के बिजनौर मार्ग की है. यहां बुधवार को तेज रफ्तार थार ने बाइक सवार दो भाइयों को सामने से जोरदार टक्कर मार दी. इस भीषण हादसे में प्रशांत और राजीव की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि दोनों नौगावां सादात से अपने घर लौट रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए. हादसे के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग शहर कोतवाली पहुंच गए. प्रशांत के पिता ने कोतवाली में तहरीर देकर थार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. वहीं, आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने कोतवाली में हंगामा किया. सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी प्रदीप कुमार ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया. पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.
पिकअप ने मजदूर को मारी टक्कर
दूसरी घटना महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के कुम्हडौरा माफ गांव की है. यहां मजदूरी कर पैदल अपने घर लौट रहे रामभगत के 25 वर्षीय बेटे धीरेंद्र को एक तेज रफ्तार बेकाबू पिकअप वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी. यह टक्कर इतनी भयानक थी कि धीरेंद्र का बायां हाथ उसके शरीर से अलग हो गया और वह सड़क पर लहूलुहान होकर तड़पने लगा. हादसे को अंजाम देने के बाद चालक अपनी पिकअप लेकर मौके से फरार हो गया.
घंटों लगा जाम, राहगीर हुए परेशान
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. उन्होंने खजुराहो रोड पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीर घंटों परेशान होते रहे. घायल धीरेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया.
मौके पर पहुंची पुलिस जब आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने में असफल रही, तब एसडीएम सदर शिवध्यान पांडे और सीओ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुल सका और लोगों ने राहत की सांस ली.
(अमरोहा से विनीत अग्रवाल और महोबा से राजेंद्र तिवारी की रिपोर्ट)