SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

AC में बैठकर PC करते हैं, अपने लोगों को अपराध न करने की कसम खिलाइए… राजभर का अखिलेश पर हमला

Rajbhar Ahir Jahir statement: यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को अपने ‘अहीर और जहीर’ को कंट्रोल करने की नसीहत दी है.उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन अराजक तत्वों पर लगाम नहीं लगी, तो 2027 के चुनाव में सपा 27 सीटें भी नहीं जीत पाएगी.

Written By Jyoti Kumari
Published: Sep 09, 2026, 03:31 PM IST | Updated: Sep 09, 2026, 03:34 PM IST
Image Credit: OP Rajbhar on Akhilesh Yadav
Join

OP Rajbhar on Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के बाण अक्सर चलते रहते हैं, लेकिन सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर का हालिया बयान काफी चर्चा में है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए राजभर ने सीधे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने अपने इस हमले में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अखिलेश यादव को अपने समर्थकों और पार्टी से जुड़े लोगों को अनुशासित करने की नसीहत दे डाली. राजभर का कहना है कि अगर समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया, तो इससे समाज के साथ-साथ अखिलेश यादव को खुद भी बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा.

‘अहीर’ और ‘जहीर’ पर दिया विवादित बयान

ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अखिलेश यादव को अपने 'अहीर' और 'जहीर' पर नियंत्रण रखना चाहिए. उनका आरोप है कि ये लोग समाज में व्यवस्था बिगाड़ने का काम कर रहे हैं और इनकी वजह से आम लोगों को परेशानी हो रही है. राजभर ने अखिलेश को आगाह करते हुए कहा कि ये लोग न सिर्फ समाज का अहित कर रहे हैं, बल्कि राजनीतिक रूप से अखिलेश यादव को भी भारी नुकसान पहुंचाएंगे. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एसी कमरे में बैठकर केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि अखिलेश को अपने लोगों को अपराध से दूर रहने की कसम दिलानी चाहिए.

झांसी और हापुड़ की घटनाओं का हवाला

अपने आरोपों को सही साबित करने के लिए राजभर ने राज्य की दो हालिया आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया. पहली घटना झांसी की है, जहां एक सरकारी शिक्षक रवि यादव और उसके साथी पर एक व्यापारी विकास गुप्ता का अपहरण करने और मारपीट करने का आरोप लगा. हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सात घंटे के भीतर व्यापारी को सुरक्षित बचा लिया. दूसरी घटना हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर की है, जहां पुलिस मुठभेड़ के बाद बिलाल और जहीर नाम के दो आरोपियों को पकड़ा गया. राजभर ने इन दोनों मामलों को सीधे तौर पर सपा से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला.

संगठन के अनुशासन पर उठाए सवाल

राजभर ने अपने बयान में राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना का जिक्र करते हुए भी सपा पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सुहेलदेव सेना की तर्ज पर नीली ड्रेस पहनाई गई है, उन्हें उस संगठन जैसा अनुशासन भी सिखाया जाना चाहिए. उनका मानना है कि बिना अनुशासन के राजनीति में अपराधियों का वर्चस्व बढ़ता है, जिससे आम जनता का विश्वास खत्म हो जाता है.  उन्होंने सपा प्रमुख से मांग की कि वे अपनी पार्टी से जुड़े ऐसे तत्वों को सुधारें.

2027 के चुनाव पर कसा तंज

पोस्ट के आखिर में राजभर ने आने वाले 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव ने इन अराजक तत्वों पर तुरंत लगाम नहीं लगाई, तो 2027 के चुनाव में सपा की हालत बेहद खराब हो जाएगी. राजभर का दावा है कि इन गतिविधियों के कारण जनता का समर्थन सपा से पूरी तरह खत्म हो जाएगा और पार्टी 27 सीटें भी नहीं जीत पाएगी. राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश का सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है.

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

ज्योति कुमारी डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सितंबर 2025 से काम कर रही हैं. ज्योति मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर तथ्य-आधारित, विश्लेषणात्मक और निष्पक्ष डिजिटल खबरें लिखती हैं. जेंडर से जुड़े संवेदनशील विषयों और जनसरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना उनकी पत्रकारिता का मुख्य केंद्र रहा है.ज़ी मीडिया से जुड़ने से पहले, ज्योति ने स्वतंत्र लेखक के रूप में कार्य किया. इस दौरान उन्होंने लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय, महिलाओं के अधिकारों और जेंडर से जुड़े मुद्दों पर गहन और विश्लेषणात्मक लेख लिखे. ज्योति के पास यूपी-उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासनिक फैसलों, सामाजिक घटनाक्रमों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर दैनिक डिजिटल कवरेज, विश्लेषण और तथ्य-जांच पर पकड़ है.ज्योति ने देश के अग्रणी शिक्षण संस्थान जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. जामिया में उनकी अकादमिक पृष्ठभूमि ने उनकी रिसर्च, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और मीडिया एथिक्स (पत्रकारिता के मूल्यों) को मजबूत किया. पत्रकारिता और लेखन के अलावा, ज्योति को पुस्तकें और साहित्य पढ़ने का गहरा शौक है। समसामयिक विषयों, सामाजिक इतिहास और विभिन्न विधाओं की किताबें पढ़ना उनकी विश्लेषणात्मक सोच और लेखन शैली को और अधिक समृद्ध बनाता है.ज्योति कुमारी से आप jktiwari1998@gmail.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप ज्योति कुमारी से एक्स (ट्विटर), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कनेक्ट कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES