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Fatehpur Boat Accident/ अवनीश सिंह: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के औंग थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अभयपुर-नया खेड़ा मार्ग पर शुक्रवार शाम पांडु नदी के उफान और तेज बहाव के बीच 12 लोगों से भरी एक नाव अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी में पलट गई. नाव में 5 मासूम बच्चे और 7 युवक सवार थे. हादसे के वक्त मौके पर चीख-पुकार मच गई, लेकिन ग्रामीणों के साहस और सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे औंग थाना प्रभारी दिनेश शुक्ला की सूझबूझ से सभी 12 लोगों को सही-सलामत बचा लिया गया.
मेले की भीड़, गायब नाविक और उफान मारती नदी का खतरा
यह पूरा मामला मलवां के आशापुर अभयपुर ग्राम सभा के अवशेरी खेड़ा जाने वाले मार्ग का है. दरअसल, गलाथा गांव में आयोजित वार्षिक दंगल और मेले के कारण लोगों की भारी आवाजाही थी. पांडु नदी के तेज कटान से सड़क बह जाने के कारण ग्रामीण नाव के जरिए नदी पार कर रहे थे. शुक्रवार शाम करीब 7 बजे जब लोग दंगल देखकर लौट रहे थे, तब नाविक राकेश वहां मौजूद नहीं था और नाव की पतवार भी साथ ले गया था.
घर लौटने की जल्दी में ग्रामीणों ने खुद ही नाव खेने का जोखिम भरा फैसला लिया. नाले के दोनों तरफ लगभग 10 फीट गहरा पानी भरा हुआ था. क्षमता से अधिक भीड़ होने और संतुलन बिगड़ने के कारण नाव बीच धारा में नीचे से फटकर पलट गई. देखते ही देखते बाबूराम, होरीलाल, सर्जन, आयुष, कुंदन, छोटू और बैजनाथ समेत सभी 12 लोग उफनती नदी में समा गए.
थाना प्रभारी ने दिखाई दिलेरी, ग्रामीणों ने भी पेश की मिसाल
हादसा होते ही अवशेरी खेड़ा के बाबूराम और होरीलाल ने हिम्मत दिखाते हुए डूब रहे बच्चों को एक-एक कर बाहर निकालना शुरू किया. इसी बीच सूचना मिलते ही औंग थाना प्रभारी दिनेश शुक्ला अपनी टीम और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे. बिना एक पल गंवाए थाना प्रभारी खुद पुलिस बल के साथ गहरे पानी में उतर गए और रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
उप जिलाधिकारी (बिंदकी) निशांत तिवारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. एहतियात के तौर पर कटे हुए मार्ग पर सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है.
थाना प्रभारी और लोगों ने पेश की मिसाल
फतेहपुर में हुए इस हादसे ने एक तरफ जहां प्रशासनिक लापरवाही और ग्रामीणों के जल्दबाजी में लिए गए जोखिम को उजागर किया, वहीं दूसरी तरफ औंग थाना प्रभारी और स्थानीय ग्रामीणों की दिलेरी ने 12 जिंदगियों को मौत के मुंह से खींचकर एक मिसाल पेश की है.