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नौकरी छूटना किसी के लिए भी आसान नहीं होता. खासकर तब, जब करियर की शुरुआत ही हुई हो और इंसान अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रहा हो. इसी दौर से गुजर रहे 22 साल के एक आईटी प्रोफेशनल ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती शेयर की है.
लड़के के अनुसार, कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे आईटी सेक्टर में नौकरी मिल गई थी. उसकी सैलरी करीब 95 हजार रुपये महीने थी. वह नौकरी में अभी केवल 6 महीने ही काम कर पाया था कि उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. इसके बाद से वह नई नौकरी की तलाश में जुटा है, लेकिन अब तक उसे काम नहीं मिल पाया है.
लड़के ने अपनी पोस्ट में बताया कि नौकरी जाने के बाद करीब दो महीने से उसकी कोई कमाई नहीं हुई है. इसी बात को लेकर घर में उसका रहना मुश्किल होता जा रहा है. उसका दावा है कि माता-पिता उसे सहारा देने के बजाय ताने मारने लगे और उसे निकम्मा बताने लगे. उसने लिखा कि पिछले एक महीने से उसे 'फ्रीलोडर' यानी दूसरों की कमाई पर निर्भर रहने वाला कहकर बुलाया जा रहा है. नौकरी जाने के बाद नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहे लड़के के लिए घर में इस तरह की बातें सुनना और भी मुश्किल हो गया है.
अपनी पोस्ट में लड़का लिखता है कि एक दिन माता-पिता ने उसकी प्लेट से खाना तक हटा दिया और कहा कि उसका कोई यूज नहीं है. उसने यह भी दावा किया कि गुस्से में उनसे ऐसी बात सुनने को मिली, जिसका मतलब था कि उसे पैदा करके शायद उन्होंने गलती कर दी. यह बात युवक को अंदर तक चोट पहुंचाने वाली थी. नौकरी जाने के बाद वह पहले ही तनाव में था. ऐसे समय में परिवार से हौसला मिलने के बजाय इस तरह की बातें सुनने का दावा उसके अकेलेपन को और बढ़ाता है. हालांकि, यह पूरा मामला लड़ने की सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है और इसमें परिवार का पक्ष नहीं है.
लड़के ने अपनी पोस्ट में बताया कि वह खाली बैठने के बजाय कोई दूसरा काम तलाश रहा था. यहां तक कि उसने रात में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने के बारे में भी सोचा, जिससे दिन में आईटी कंपनियों के इंटरव्यू की तैयारी कर सके. उसका मकसद किसी तरह अपनी जरूरतों का खर्च निकालना और साथ ही अपने करियर को दोबारा पटरी पर लाना था. लेकिन उसकी इतनी कोशिशों के बावजूद उसे अभी तक सफलता नहीं मिली है. एक तरफ नौकरी की तलाश और दूसरी तरफ घर का तनाव, दोनों ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
लड़ने ने अपनी पोस्ट में एक और बात बताई. उसके अनुसार, नौकरी के दौरान उसने अपनी कमाई से बाइक खरीदी थी. उसने बाइक के लिए कोई ईएमआई नहीं रखी थी, बल्कि पैसे देकर उसे खरीदा था. हालांकि, अब उसे लग रहा है कि उसे कुछ रकम बचाकर रखनी चाहिए थी. नौकरी जाने के बाद जब नियमित कमाई बंद हुई तो उसे आर्थिक सुरक्षा की अहमियत समझ आई. उसने अपनी पोस्ट में दूसरे युवाओं को सलाह दी कि मनपसंद बाइक या कार खरीदने से पहले कुछ पैसे बचाकर जरूर रखें. मुश्किल वक्त में यही बचत रोजमर्रा के खर्चों में मदद कर सकती है.
अपनी कहानी बताते हुए युवक ने लिखा कि नौकरी जाने के बाद उसे एहसास हुआ कि जिंदगी में आर्थिक आजादी कितनी जरूरी है. उसने यह भी कहा कि रहने के लिए किराया देना हो या अपनी मानसिक शांति बचानी हो, दोनों की कीमत चुकानी पड़ती है. उसकी पोस्ट का भाव यही था कि इंसान को अपनी जिंदगी और भविष्य के लिए खुद भी तैयारी करनी चाहिए. हालांकि, नौकरी जाने के बाद परिवार से मिले कथित व्यवहार ने उसे काफी निराश किया है. करियर की शुरुआत में इस तरह की परेशानी का सामना करना किसी भी लड़के के लिए बड़ा झटका हो सकता है.
लड़के की पोस्ट सामने आने के बाद कई लोगों ने उसकी परेशानी को समझने की कोशिश की. कुछ यूजर्स ने उसे हार न मानने और नौकरी की तलाश जारी रखने की सलाह दी. एक यूजर ने लिखा कि वह कोशिश करता रहे और अपनी खुशी व मानसिक मजबूती को केवल दूसरों के व्यवहार पर निर्भर न रहने दे. एक अन्य यूजर ने अपना अनुभव शेयर करते हुए बताया कि नौकरी छूटने के बाद उसके परिवार का व्यवहार भी बदल गया था. वहीं, एक व्यक्ति ने कहा कि उसने अच्छी सैलरी वाली नौकरी जाने के बाद कम वेतन वाली नौकरी स्वीकार कर ली, क्योंकि घर में लगातार ताने सुनना मुश्किल हो रहा था. कुछ लोगों ने युवक को सलाह दी कि वह इंटरव्यू की तैयारी पर ध्यान दे और मौका मिलने पर अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश करे. कई यूजर्स ने यह भी कहा कि बच्चों के मुश्किल दौर में माता-पिता का हौसला बढ़ाना बेहद जरूरी है.
(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.)