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लकड़ी के घर, आल्प्स की वादियां और सादगी भरी जिंदगी: भारतीय कपल ने दिखाया स्विट्जरलैंड के गांव का असली रंग; Video Viral

भारत के जयपुर में रहने वाला एक कपल जब स्विटजरलैंड के गांव घूमने पहुंचा तो वहां का नजारा देखकर कुछ देर के लिए हैरान रह गया. साफ-सुथरी सड़कें, शीशे की तरह साफ नदी, खूबसूरत घर, पहाड़ों के बीच दौड़ती ट्रेन और दूर-दराज की जगहों तक पहुंचाने वाली केबल कार देखकर कपल ने अपना एक्सपीरियंस वीडियो में शेयर किया.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Oct 06, 2026, 08:41 AM IST | Updated: Oct 06, 2026, 08:55 AM IST
Image Credit: @wandererdentist | स्विटजरलैंड के गांव देखने पहुंचा भारतीय कपल!
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विदेश घूमने जाना अपने आप में एक अलग एक्सपीरियंस होता है, लेकिन किसी बड़े शहर के बजाय वहां का गांव देखने निकलें तो तस्वीर और भी अलग नजर आती है. जयपुर के रहने वाले डॉ. नोसी और अभिषेक के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. दोनों दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में घूमते रहते हैं और अपने ट्रैवल एक्सपीरियंस सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं.

हाल में वे स्विटजरलैंड के एक गांव पहुंचे. वहां ट्रेन से उतरने के बाद जो नजारा उनके सामने आया, उसे देखकर दोनों का रिएक्शन वीडियो में साफ दिखाई देता है. नोसी ने बताया कि उन्हें पहली नजर में यकीन ही नहीं हुआ कि वे किसी गांव में खड़े हैं. उन दोनों को आसपास की खूबसूरती इतनी खास लगी कि उन्होंने कहा कि यह नजारा इतना खूबसूरत था कि जैसे वे किसी पेंटिंग के अंदर आ गए हों.

'लगा जैसे पेंटिंग के अंदर आ गए'

कपल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट 'wandererdentist' पर इस ट्रिप का वीडियो शेयर किया. वीडियो में नोसी अपने अनुभव के बारे में बताती नजर आती हैं. उन्होंने कहा कि ट्रेन से उतरते ही आसपास का नजारा देखकर विश्वास करना मुश्किल था कि यह गांव है. हर तरफ इतनी खूबसूरती थी कि कुछ देर के लिए ऐसा लगा जैसे वे किसी पेंटिंग के अंदर पहुंच गए हों. उनके लिए यह सिर्फ खूबसूरत जगह देखने का अनुभव नहीं था. गांव की सादगी, साफ-सफाई और पहाड़ों के बीच बसा पूरा माहौल उन्हें काफी अलग लगा.

सड़क पर एक भी गड्ढा या कचरा नहीं

गांव में थोड़ा आगे बढ़ने के बाद कपल की नजर वहां की सड़कों पर पड़ी. नोसी ने वीडियो में बताया कि उन्हें सड़क पर न धूल दिखाई दी, न कचरा और न ही कोई गड्ढा. उन्होंने अपने अनुभव को बताते हुए कहा कि सड़क पर ढूंढने के बाद भी कोई गंदगी नजर नहीं आ रही थी. उनके लिए यह बात इसलिए भी खास थी क्योंकि भारत के गांवों की आम तस्वीर इससे काफी अलग होती है. कपल ने साफ-सफाई की तुलना करते हुए अपने दर्शकों को बताया कि स्विटजरलैंड के इस गांव में छोटी-छोटी चीजें भी काफी व्यवस्थित नजर आ रही थीं.

 

 

नदी का पानी इतना साफ कि पत्थर दिख रहे थे

इसके बाद कपल गांव के पास बह रही नदी की तरफ पहुंचा. यहां पहुंचकर उनका रिएक्शन और भी दिलचस्प था. नोसी ने बताया कि नदी का पानी इतना साफ था कि उसके अंदर पड़े पत्थर तक आसानी से दिखाई दे रहे थे. पानी में उन्हें कचरा, कपड़े या दूसरी गंदगी नजर नहीं आई. यही देखकर कपल ने इस बात पर भी चर्चा की कि भारत में कई नदियों को धार्मिक नजरिए से देखा जाता है और उनकी पूजा तक होती है, फिर भी कई जगह नदियों में गंदगी देखने को मिलती है. वहीं यहां के लोग नदी की पूजा नहीं करते, लेकिन उसे बेहद साफ रखते हैं.

घर देखकर भी नहीं हुआ विश्वास

गांव की सड़क और नदी के बाद वहां के घरों ने भी कपल का ध्यान खींचा. पहाड़ों के बीच बने खूबसूरत घर और उनके बाहर खड़ी महंगी कारें देखकर नोसी ने फिर वही सवाल किया कि आखिर यह गांव ही है या कुछ और. उन्हें वहां के घर इतने खूबसूरत लगे कि शहर और गांव का फर्क ही अलग नजर आने लगा. पहाड़ों की ढलान पर बने घर, उनके आसपास हरियाली और साफ-सुथरा माहौल मिलकर पूरे इलाके को किसी फिल्म के सेट जैसा बना रहे थे.

पहाड़ों पर दौड़ती ट्रेन ने चौंकाया

इस ट्रिप का एक और हिस्सा कपल को काफी खास लगा. पहाड़ों के बीच चलती ट्रेन देखकर नोसी ने कहा कि यह नजारा किसी कार्टून या फिल्म के सीन जैसा लग रहा था. पहाड़ों पर ट्रेन को इतनी ऊंचाई पर चलते देखना उनके लिए नया अनुभव था. उन्होंने बताया कि जहां ट्रेन नहीं पहुंच सकती, वहां लोगों के लिए केबल कार की सुविधा भी मौजूद है. इसका मतलब है कि पहाड़ों के बीच बसे गांव में भी आने-जाने के लिए लोगों के पास ऐसे साधन हैं, जिन्हें देखकर एक भारतीय टूरिस्ट आसानी से हैरान हो सकता है.

'दिमाग का सारा स्ट्रेस खत्म हो गया'

कपल ने इस जगह की खूबसूरती के साथ-साथ वहां के शांत माहौल का भी जिक्र किया. नोसी ने कहा कि वहां घूमते हुए उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे दिमाग का सारा स्ट्रेस धीरे-धीरे खत्म हो रहा हो. शायद यही वजह है कि वीडियो देखने वाले लोगों को भी कपल का एक्सपीरियंस पसंद आया. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा कि ऐसी जगहें देखने के बाद किसी का भी मन कुछ दिनों के लिए वहीं रुक जाने का करेगा.

मां-बेटी नहीं, कपल की ट्रैवल डायरी बनी वायरल

डॉ. नोसी और अभिषेक का यह वीडियो सिर्फ किसी खूबसूरत विदेशी जगह की झलक नहीं दिखाता. इसमें एक भारतीय कपल की नजर से स्विटजरलैंड के गांव की तस्वीर सामने आती है. उनकी बातों में बार-बार भारत के गांवों से तुलना भी सुनाई देती है. यही चीज वीडियो को आम ट्रैवल वीडियो से थोड़ा अलग बनाती है. दोनों ने वहां की सफाई, परिवहन, नदी और पहाड़ों के बीच बसे घरों को जिस तरह देखा, उसे सोशल मीडिया यूजर्स ने खूब पसंद किया.

स्विटजरलैंड का गांव देखकर मिली अलग तस्वीर

स्विटजरलैंड को आमतौर पर लोग बर्फीले पहाड़ों, झीलों और खूबसूरत शहरों के लिए जानते हैं. लेकिन इस कपल का वीडियो वहां के गांवों की एक अलग तस्वीर सामने ला रहा है. ट्रेन से उतरने के बाद साफ सड़कें, आर-पार दिखने वाली नदी, पहाड़ों के बीच बने घर और ऊंचाई तक पहुंचती ट्रेन व केबल कार ने कपल को इतना प्रभावित किया कि उन्हें पूरा नजारा किसी पेंटिंग जैसा लगा. उनका यह ट्रैवल एक्सपीरियंस यही बताता है कि किसी देश को समझने के लिए सिर्फ उसके बड़े शहर देखना जरूरी नहीं. कई बार असली कहानी उसके छोटे गांवों और वहां की रोजमर्रा की जिंदगी में छिपी होती है.

(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है.)

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About the Author

संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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