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मुंबई में अपना घर खरीदना बहुत से लोगों का सपना है, लेकिन इस सपने के साथ प्रॉपर्टी की कीमत सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. शहर के कई पॉश इलाकों में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को उतनी जगह नहीं मिलती, जितनी वे अपने बजट में किसी दूसरे देश में उम्मीद कर सकते हैं.
इसी अंतर को दिखाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. पोलैंड में रहने वाले भारतीय शख्स दीपांशु लखवान ने एक खूबसूरत घर का वीडियो शेयर करते हुए मुंबई में प्रॉपर्टी की कीमतों से इसकी तुलना की. वीडियो देखने के बाद कई लोग यूरोप के इस घर और भारत के बड़े शहरों की प्रॉपर्टी को लेकर चर्चा करने लगे.
दीपांशु वीडियो की शुरुआत मुंबई की प्रॉपर्टी से तुलना करते हुए करते हैं. उनका कहना है कि मुंबई में कई जगहों पर करीब 10 करोड़ रुपये में छोटा अपार्टमेंट मिल सकता है. इसके मुकाबले वह पोलैंड में 15 से 17 करोड़ रुपये के बजट में एक बड़े घर का उदाहरण दिखाते हैं. हालांकि, यह तुलना किसी आधिकारिक प्रॉपर्टी सर्वे या पूरे मुंबई और पोलैंड के बाजार का सीधा आंकड़ा नहीं है. अलग-अलग इलाकों, जमीन की कीमत, घर के साइज और निर्माण की क्वालिटी के हिसाब से प्रॉपर्टी की कीमत काफी बदल सकती है.
वीडियो आगे बढ़ता है तो कैमरा घर के अलग-अलग हिस्सों की झलक दिखाता है. बड़े कमरे, लकड़ी का शानदार काम, ट्रेडिशनल डिजाइन और घर के पीछे फैला ओपन गार्डन इस जगह को खास बनाते हैं. दीपांशु बताते हैं कि यह उनकी पसंदीदा जगहों में से एक है और वह कभी-कभी वीकेंड पर यहां जाते हैं. घर की सबसे खास बात उसका मॉडर्न डिजाइन नहीं, बल्कि पुराने समय की झलक देता हुआ लुक है. घर के अंदर इस्तेमाल हुई लकड़ी और पुरानी चीजें इसे किसी फिल्म के पुराने यूरोपीय घर जैसा एहसास देती हैं. आसपास का हरा-भरा माहौल इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देता है.
दीपांशु के मुताबिक, इस घर को तैयार होने में करीब 20 साल लगे. यानी यह कोई ऐसा घर नहीं है, जिसे कुछ महीनों में तैयार करके इस्तेमाल में ले लिया गया हो. इसे लंबे समय तक धीरे-धीरे तैयार किया गया. घर को देखकर भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें सिर्फ जगह और पैसे ही नहीं, बल्कि काफी समय और मेहनत लगी होगी. लकड़ी का काम, पुराने डिजाइन और घर के आसपास की जगह को जिस तरह तैयार किया गया है, वह इसे सामान्य मॉडर्न हाउस से अलग बनाता है.
वीडियो में दीपांशु एक पुरानी तस्वीर भी दिखाते हैं, जिसे वह 1920 के दशक की बताते हैं. उनके अनुसार, घर में इस्तेमाल हुई कई लकड़ियां 100 साल से ज्यादा पुरानी हैं. घर के एक कमरे की झलक दिखाते हुए वह बताते हैं कि वहां मौजूद कई चीजें भी काफी पुरानी हैं. कुछ सामान 50 से 100 साल पुराना बताया गया है. यही वजह है कि घर में दाखिल होते ही मॉडर्न बिल्डिंग के बजाय किसी पुराने यूरोपीय घर जैसा माहौल महसूस होता है.
इस घर को लेकर दीपांशु का रिश्ता सिर्फ एक प्रॉपर्टी देखने तक सीमित नहीं है. उन्होंने वीडियो के कैप्शन में बताया कि वह इसे प्यार से बनाया गया घर मानते हैं और भविष्य में रिटायरमेंट के बाद इसे अपना ठिकाना बनाना चाहते हैं. इसका मतलब सोशल मीडिया पर दिखाया गया यह घर उनके लिए सिर्फ करोड़ों की प्रॉपर्टी नहीं, बल्कि आने वाले समय का एक सपना भी है. शांत माहौल, बड़ा गार्डन और पुराने डिजाइन वाला घर उनके इस सपने की वजह को भी समझाता है.
वीडियो सामने आने के बाद लोगों का ध्यान सिर्फ घर की खूबसूरती पर नहीं गया, बल्कि मुंबई और यूरोप की प्रॉपर्टी कीमतों की तुलना पर भी टिक गया. कई लोगों के लिए यह वीडियो इसलिए दिलचस्प है क्योंकि भारत के बड़े शहरों में जमीन और घर की कीमतें लगातार चर्चा का विषय रहती हैं. वहीं विदेशों में बड़े घरों, खुली जगह और कम घनी आबादी वाले इलाकों की तस्वीरें लोगों को आकर्षित करती हैं. हालांकि, सिर्फ एक घर देखकर पूरे पोलैंड की प्रॉपर्टी को मुंबई से सस्ता या महंगा बताना सही नहीं होगा. किसी भी प्रॉपर्टी की कीमत उसके शहर, लोकेशन, जमीन, आकार, उम्र और सुविधाओं पर काफी निर्भर करती है.
इस वायरल वीडियो की असली कहानी शायद सिर्फ 10 करोड़ और 17 करोड़ रुपये के बीच का फर्क नहीं है. यह उस तरह के घर की तस्वीर है, जिसमें बड़ी खुली जगह, पुरानी लकड़ी, गार्डन और शांत माहौल एक साथ दिखाई देता है. मुंबई में रहने वाले किसी शख्स के लिए ऐसा घर किसी सपने जैसा लग सकता है, वहीं दीपांशु के लिए यह सपना पहले से कहीं ज्यादा करीब नजर आता है. उन्होंने जिस अंदाज में घर की झलक दिखाई है, उससे साफ है कि उनका रिश्ता इस जगह से सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि भावनाओं का भी है.
मुंबई में 10 करोड़ रुपये में मिलने वाला घर और पोलैंड में 15 से 17 करोड़ रुपये में दिखाया गया घर एक जैसी चीजें नहीं हैं. दोनों की लोकेशन, जमीन, निर्माण, सुविधाएं और बाजार अलग हैं. इसलिए वायरल वीडियो को किसी प्रॉपर्टी मार्केट की सीधी तुलना के बजाय एक दिलचस्प पर्सनल एक्सपीरियंस के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा. फिर भी इस वीडियो ने एक दिलचस्प सवाल जरूर खड़ा कर दिया है. आखिर दुनिया के अलग-अलग शहरों में एक ही बजट में मिलने वाले घरों में इतना फर्क क्यों होता है? और शायद यही सवाल इस वीडियो को सोशल मीडिया पर लोगों के लिए इतना दिलचस्प बना रहा है.