60 साल लगे इस दिन के लिए: बेटे ने पहली बार कराई मां-बाप को हवाई जहाज की यात्रा; VIDEO देख छलके लोगों के आंसू
माता-पिता की कई इच्छाएं ऐसी होती हैं, जिनका वे कभी खुलकर जिक्र नहीं करते. बस मन में दबाकर रखते हैं. ऐसे ही एक सपने को मुंबई के धीरज ने पूरा किया. उन्होंने अपने माता-पिता को पहली बार फ्लाइट में बैठाया. पिता लंबे समय से हवाई जहाज में उड़ने का सपना देखते थे, जबकि मां के लिए भी यह पहली फ्लाइट थी. बेटे ने इस सफर को कैमरे में कैद किया तो वीडियो देखकर लोग भावुक हो गए.
आज के दौर में पहली बार फ्लाइट में बैठना शायद बहुत बड़ी बात न लगे, लेकिन हर परिवार के लिए इसकी कहानी एक जैसी नहीं होती. खासकर उन परिवारों के लिए, जहां जिंदगी की शुरुआत जरूरतों को पूरा करने से होती है और सपने धीरे-धीरे पीछे छूट जाते हैं. ऐसे परिवार के लोग अपनी पूरी जिंदगी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हुए निकाल देते हैं.
इंस्टाग्राम यूजर धीरज ने अपने माता-पिता के साथ ऐसे ही एक पल का वीडियो शेयर किया. उन्होंने पहली बार अपने मां-बाप को फ्लाइट से यात्रा कराई थी. उनके लिए यह सिर्फ हवाई सफर नहीं था. यह उस सपने को पूरा करने का दिन था, जो उनके पिता ने कभी अपने मन में रखा था और जिसे बाद में बेटे ने अपना सपना बना लिया.
पिता का सपना था आसमान में उड़ना
धीरज ने बताया कि वह एक मिडिल क्लास परिवार से आते हैं. ऐसे परिवारों में कई बार माता-पिता अपनी इच्छाओं के बारे में बच्चों से ज्यादा बात नहीं करते. घर का बजट, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जिम्मेदारियां पहले आती हैं. इसी बीच उनके पिता का भी एक सपना था कि वह कभी फ्लाइट में बैठें और आसमान में उड़ें. वक्त गुजरता गया, लेकिन यह इच्छा कहीं न कहीं उनके मन में बनी रही. धीरज के लिए पिता की यही इच्छा धीरे-धीरे एक ऐसी चीज बन गई, जिसे उन्हें किसी दिन पूरा करना था.
29 साल बेटे को लगे, माता-पिता को 60
धीरज ने इस खास पल का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया. वीडियो पर लिखा था, 'मुझे 29 साल लगे, लेकिन उन्हें 60 साल.' यह एक छोटी सी लाइन है, लेकिन पूरी कहानी का भाव इसी में छिपा है. धीरज के लिए यह सपना पूरा करने में उनकी जिंदगी के 29 साल लगे, लेकिन उनके माता-पिता ने इस पल का इंतजार करीब 60 साल तक किया. यही वजह है कि वीडियो में माता-पिता के चेहरे की खुशी इतनी खास नजर आती है. उनके लिए यह सफर किसी सामान्य ट्रिप से कहीं ज्यादा था.
पहली फ्लाइट में माता-पिता के चेहरे पर दिखी खुशी
जब धीरज अपने माता-पिता को फ्लाइट में लेकर पहुंचे तो उन्होंने उनके रिएक्शन को कैमरे में रिकॉर्ड किया. प्लेन में बैठने के बाद माता-पिता के चेहरे पर उत्सुकता और खुशी साफ नजर आई. एक बेटे के लिए शायद इससे खूबसूरत पल कुछ और नहीं हो सकता कि जिस व्यक्ति ने उसे जिंदगी में आगे बढ़ने का मौका दिया, वह आज उसके साथ बैठकर अपने किसी पुराने सपने को जी रहा हो. धीरज ने भी इस पल को सिर्फ वीडियो के लिए रिकॉर्ड नहीं किया. उनके लिए यह एक ऐसी याद थी, जिसे वह हमेशा अपने पास रखना चाहते हैं.
पिता का सपना, मां की पहली फ्लाइट
इस सफर का एक और खास हिस्सा यह था कि यह सिर्फ पिता के सपने को पूरा करने का पल नहीं था. धीरज की मां भी पहली बार फ्लाइट में बैठ रही थीं. मतलब एक ही यात्रा में परिवार के दो लोगों के लिए एक नई शुरुआत थी. पिता के लिए यह सालों पुराना सपना था और मां के लिए जिंदगी में पहली बार हवाई सफर का अनुभव. धीरज ने इसे हमेशा याद रहने वाली मेमोरी बताया. उनका मानना है कि जिंदगी में सारे सपने एक साथ पूरे नहीं होते. कई बार एक-एक करके उन्हें पूरा करना पड़ता है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा- 'यह सिर्फ ट्रिप नहीं'
धीरज की पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस पल को खूब पसंद किया. लोगों को सबसे ज्यादा यह बात छू गई कि बेटे ने अपने माता-पिता के किसी पुराने सपने को सिर्फ याद नहीं रखा, बल्कि उसे पूरा करने की कोशिश की. एक यूजर ने कमेंट किया कि उनके चेहरे की मुस्कान देखिए. एक अन्य ने लिखा कि उसने अपने माता-पिता को इतनी कम उम्र में यह खुशी दे दी, जबकि किसी और ने कहा कि उसे ऐसा करने में सिर्फ 18 साल लगे. एक यूजर ने धीरज को "प्राउड ऑफ यू" कहते हुए उनकी तारीफ की. कई लोगों ने इस पल को माता-पिता और बच्चों के रिश्ते की खूबसूरत मिसाल बताया.
माता-पिता के सपने भी याद रखना जरूरी
हम अक्सर अपने माता-पिता को अपनी जरूरतों के बारे में सोचते देखते हैं. बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर के खर्च तक, उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा परिवार के लिए निकल जाता है. ऐसे में उनकी छोटी-बड़ी इच्छाएं कई बार पीछे छूट जाती हैं. धीरज की कहानी इसी बात की याद दिलाती है कि माता-पिता के सपने भी उतने ही मायने रखते हैं. जरूरी नहीं कि हर सपना बहुत बड़ा हो. कभी पहली फ्लाइट में बैठना, कभी किसी खास जगह घूमना या कभी अपनी पसंद की कोई चीज खरीदना भी किसी के लिए जिंदगी का बड़ा सपना हो सकता है.
60 साल का इंतजार, एक दिन में बन गई याद
धीरज के माता-पिता ने जिस पल का शायद दशकों तक इंतजार किया, वह आखिरकार एक दिन उनके सामने था. फ्लाइट ने जैसे ही उड़ान भरी होगी, उनके लिए वह सिर्फ एक शहर से दूसरे शहर जाने का सफर नहीं रहा होगा. वह उस इंतजार का अंत था, जिसे उन्होंने शायद कभी शब्दों में बताया भी नहीं था. धीरज ने अपने माता-पिता को पहली बार फ्लाइट में बैठाकर सिर्फ एक टिकट नहीं खरीदा. उन्होंने उनके पुराने सपने को अपनी जिम्मेदारी समझकर पूरा किया. शायद यही वजह है कि इस कहानी की सबसे खूबसूरत बात फ्लाइट नहीं, बल्कि वह भावना है, जिसके साथ एक बेटे ने अपने माता-पिता को आसमान की सैर कराई.