जब हैरी पॉटर के चक्कर में फंसी दुर्गा पूजा समिति: जेके राउलिंग ने कोलकाता के पंडाल पर ठोका था 20 लाख का मुकदमा, जानें पूरा किस्सा
हैरी पॉटर की जादुई दुनिया और कोलकाता की दुर्गा पूजा का मेल सुनने में दिलचस्प लगता है ना, लेकिन यही मेल एक बार बड़े विवाद की वजह बन गया था. साल 2007 में कोलकाता के साल्ट लेक इलाके की एक दुर्गा पूजा समिति ने अपने पंडाल को हॉगवर्ट्स कैसल जैसा लुक दिया. मामला इतना बढ़ा कि लेखिका जेके राउलिंग और वॉर्नर ब्रदर्स ने कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई कर दी.
कोलकाता की दुर्गा पूजा सिर्फ धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी सजावट और भव्य पंडालों के लिए भी मशहूर है. हर साल यहां की पूजा समितियां लोगों को आकर्षित करने के लिए नए-नए थीम चुनती हैं. कहीं ऐतिहासिक इमारतों की झलक मिलती है तो कहीं फिल्मों और मशहूर कहानियों से प्रेरित सजावट देखने को मिलती है.
इसी तरह साल 2007 में कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में एफडी ब्लॉक दुर्गा पूजा समिति ने कुछ अलग करने का फैसला किया. समिति ने दुनिया भर में मशहूर हैरी पॉटर सीरीज की जादुई दुनिया को अपने पंडाल की थीम बनाया. योजना थी कि पंडाल में आने वाले लोगों को ऐसा लगे, जैसे वे हैरी पॉटर के स्कूल हॉगवर्ट्स पहुंच गए हों.
हॉगवर्ट्स कैसल जैसा बनाया गया पंडाल
हैरी पॉटर की कहानियों में हॉगवर्ट्स वह जादुई स्कूल है, जहां हैरी और उसके दोस्त जादू सीखते हैं. समिति ने इसी स्कूल की इमारत से प्रेरणा लेकर एक बड़ा ढांचा तैयार कराया. पंडाल को हॉगवर्ट्स कैसल जैसा रूप दिया जा रहा था. इतना ही नहीं, आयोजकों की योजना हैरी पॉटर और उसके साथियों की मूर्तियां लगाने की भी थी. इसके अलावा, हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस जैसी दिखने वाली एक नकली भाप से चलने वाली ट्रेन बनाने का काम भी चल रहा था. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 12 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान था. पंडाल लगभग तैयार होने की ओर बढ़ रहा था, लेकिन तभी आयोजकों के सामने ऐसी परेशानी आ गई, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी.
जेके राउलिंग और वॉर्नर ब्रदर्स ने जताई आपत्ति
हैरी पॉटर की लेखिका जेके राउलिंग और फिल्म सीरीज के अधिकार रखने वाली कंपनी वॉर्नर ब्रदर्स ने इस थीम पर आपत्ति जताई. उस समय आई रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों ने आरोप लगाया कि पंडाल में हैरी पॉटर की दुनिया से जुड़े नामों और डिजाइन का इस्तेमाल बिना अनुमति किया जा रहा था. मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया. रिपोर्टों में बताया गया कि कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए आयोजकों से 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग भी की गई थी. आयोजकों के लिए यह एक बड़ा झटका था. जिस पंडाल को लोगों के आकर्षण का केंद्र बनाने की तैयारी थी, उसी को लेकर अब कानूनी विवाद खड़ा हो गया था.
समिति ने कहा- कमाई करना मकसद नहीं था
एफडी ब्लॉक पूजा समिति के सचिव शांतनु बिस्वास ने उस समय कहा था कि आयोजकों को यह अंदाजा नहीं था कि थीम तैयार करने के लिए लेखिका या अधिकार रखने वाली कंपनी से अनुमति लेना जरूरी हो सकता है. समिति का कहना था कि पंडाल बनाने का मकसद लोगों को आकर्षित करना और दुर्गा पूजा को खास बनाना था, न कि हैरी पॉटर के नाम पर कारोबार करना. आयोजकों ने यह भी कहा था कि वे अदालत में अपना पक्ष रखेंगे. यहां विवाद की एक दिलचस्प बात थी. एक तरफ दुनिया की मशहूर किताब और फिल्म सीरीज के कॉपीराइट का सवाल था, तो दूसरी तरफ कोलकाता की दुर्गा पूजा की वह परंपरा थी, जिसमें हर साल नए और अनोखे पंडाल बनाए जाते हैं.
क्या पंडाल को मिली थी राहत?
उस समय की रिपोर्टों के अनुसार, पूजा समिति को उत्सव आगे बढ़ाने के लिए एक बार की छूट मिली थी. हालांकि, इस पूरे मामले के अंतिम कानूनी नतीजे को लेकर पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है. इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि अदालत ने जेके राउलिंग का मुकदमा खारिज कर दिया था या समिति ने पूरी कानूनी लड़ाई जीत ली थी. सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में इस घटना को इस तरह पेश किया जा रहा है, मानो जेके राउलिंग ने मुकदमा किया और हार गईं. लेकिन अभी तक की रिपोर्टों से इसकी स्पष्ट पुष्टि नहीं होती. इस मामले में कानूनी कार्रवाई, आयोजकों के पक्ष और उत्सव के लिए मिली राहत को अलग-अलग समझना जरूरी है.
सालों बाद फिर क्यों चर्चा में आया मामला?
दुर्गा पूजा शुरू होते ही यह पुराना विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है. एक यूजर ने reddit पर हैरानी जताते हुए लिखा कि उसे अब जाकर पता चला कि जेके राउलिंग ने कोलकाता की दुर्गा पूजा समिति पर मुकदमा किया था. इसके बाद लोगों की दिलचस्पी इस कहानी में बढ़ गई. कई लोगों के लिए यह जानना हैरान करने वाला था कि हैरी पॉटर जैसी मशहूर सीरीज का मामला कोलकाता के एक दुर्गा पूजा पंडाल तक पहुंच गया था.