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क्या रोबोट भी होते हैं बीमार? जापान ने लॉन्च की दुनिया की पहली 'रोबोट एम्बुलेंस', फीचर्स देख पूरी दुनिया रह गई दंग

Japan Introduces Roadside Assistance: जापान की टेक कंपनी GMO एयर ने दुनिया की पहली 'रोबोट एम्बुलेंस' लॉन्च की है, जो खराब हुए ह्यूमनॉइड रोबोट्स का ऑन-द-स्पॉट इलाज और रिप्लेसमेंट करेगी. जानिए कैसे काम करती है यह सर्विस.

Written ByAlkesh Kushwaha
Published: Sep 16, 2026, 10:46 AM IST|Updated: Sep 16, 2026, 11:01 AM IST
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क्या रोबोट भी होते हैं बीमार? जापान ने लॉन्च की दुनिया की पहली 'रोबोट एम्बुलेंस', फीचर्स देख पूरी दुनिया रह गई दंग
Image Credit: Robot Ambulence

About the Author

Alkesh Kushwaha

Alkesh Kushwaha

अल्केश कुशवाहा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव है. वर्तमान में वे जी न्यूज हिंदी में चीफ सब-एडिटर के रूप में बॉलीवुड-वायरल सेक्शन संभाल रहे हैं. अल्केश की मुख्य विशेषज्ञता बॉलीवुड, एंटरटेनमेंट, वायरल सिनेमा ट्रेंड्स और सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव्स में है. साल 2012 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत करने वाले अल्केश ने दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान टाइम्स, राजस्थान पत्रिका और NDTV जैसे देश के अग्रिम मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं. अल्केश ने अपने करियर में अर्जुन रामपाल, ऋचा चड्ढा और राजपाल यादव जैसी कई दिग्गज बॉलीवुड हस्तियों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यूज किए हैं. फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस एनालिसिस, सेलिब्रिटी गॉसिप्स और एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स का इन-डेप्थ डेटा एनालिसिस करना उनका मजबूत पक्ष है. वे पाठकों तक बॉलीवुड जगत की हर छोटी-बड़ी खबर सटीक, निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक तरीके से पहुंचाते हैं. आप अल्केश कुशवाहा से सीधे alkesh.kushwaha@zeemedia.com पर संपर्क कर सकते हैं.
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Robot Ambulance: जरा सोचिए कि आप किसी होटल या मॉल में गए हैं और वहां काम कर रहा एक ह्यूमनॉइड रोबोट अचानक चलते-चलते बंद हो जाए या उसका कोई पार्ट टूट जाए तो क्या होगा? अब तक ऐसे रोबोट्स को कंपनी वापस भेजकर हफ्तों इंतजार करना पड़ता था. लेकिन टेक्नोलॉजी के मामले में हमेशा दो कदम आगे रहने वाले जापान ने इसका एक बहुत ही गजब और अनोखा सॉल्यूशन ढूंढ निकाला है. जापान ने दुनिया की पहली 'रोबोट एम्बुलेंस' पेश की है, जो खराब रोबोट्स का ऑन-द-स्पॉट इलाज करेगी.

इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान की जानी-मानी टेक कंपनी जीएमओ इंटरनेट ग्रुप ने इस स्पेशल एम्बुलेंस को बनाया है. यह दिखने में एक मॉडर्न वैन जैसी है, जिसे खास तौर पर ह्यूमनॉइड रोबोट्स की इमरजेंसी सर्विस और रोडसाइड असिस्टेंस के लिए डिजाइन किया गया है. अगर किसी ऑफिस, होटल, फैक्ट्री या वेयरहाउस में काम करने वाला रोबोट अचानक खराब हो जाता है, तो यह एम्बुलेंस तुरंत वहां पहुंचेगी. टोक्यो की सड़कों पर जल्द ही यह वैन दौड़ती हुई दिखाई देने वाली है.

गाड़ी के अंदर क्या-क्या होगा मौजूद

यह सिर्फ एक नॉर्मल वैन नहीं है, बल्कि एक चलता-फिरता रोबोट वर्कशॉप है. इस एम्बुलेंस में एक्सपर्ट इंजीनियर्स की टीम, रोबोट्स के स्पेयर पार्ट्स, रिपेयरिंग के हाई-टेक टूल्स और सबसे खास बात एक एक्स्ट्रा 'स्पेयर रोबोट' भी मौजूद रहेगा. जैसे ही किसी कस्टमर का रोबोट खराब होगा, यह टीम तुरंत लोकेशन पर पहुंचेगी और मामले की जांच करेगी.

 

 

कैसे काम करेगा 'स्टेपनी रोबोट' का कॉन्सेप्ट

कंपनी के इंजीनियर शोता ताकिज़ावा ने बताया कि अगर रोबोट में कोई छोटी-मोटी खराबी होगी तो इंजीनियर्स उसे मौके पर ही ठीक कर देंगे. लेकिन अगर खराबी बड़ी हुई और रोबोट को वर्कशॉप ले जाना पड़ा, तो टीम कस्टमर का काम रोकने नहीं देगी. एम्बुलेंस में आया दूसरा नया रोबोट वहां 'स्टेपनी' यानी टेंपरेरी रिप्लेसमेंट के तौर पर काम करने के लिए रख दिया जाएगा. जब पुराना रोबोट ठीक हो जाएगा तो उसे वापस लाकर नया वाला ले जाया जाएगा.

बिजनेस को नुकसान से बचाएगी यह नई सर्विस

आजकल दुनिया भर के होटलों, वेयरहाउस और फैक्ट्रियों में इंसानों की जगह ह्यूमनॉइड रोबोट्स काम कर रहे हैं. अगर 50 लाख से 1 करोड़ रुपये की कीमत वाला रोबोट अचानक बंद हो जाए तो कंपनी का काम ठप हो जाता है. मरम्मत के लिए रोबोट को बाहर भेजने में कई दिन लग जाते हैं. जीएमओ एयर के सीईओ तोमोहिरो उचिदा ने बताया कि इसी समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने रोबोट एम्बुलेंस और रिप्लेसमेंट सर्विस का आइडिया निकाला है ताकि बिजनेस का एक दिन भी वेस्ट न हो.

पूरी तरह से ऑटोमैटिक नहीं है यह सिस्टम

दिलचस्प बात यह है कि यह एम्बुलेंस खुद से बिना ड्राइवर के चलने वाली या रोबोट को ठीक करने वाली पूरी तरह से ऑटोमैटिक गाड़ी नहीं है. इसमें इंसान यानी इंजीनियर्स ही गाड़ी चलाएंगे और वही रोबोट्स की मरम्मत करेंगे. यह पुरानी और नई टेक्नोलॉजी का एक बहुत ही शानदार कॉम्बिनेशन है. फिलहाल कंपनी ने टोक्यो में अपने हेडक्वार्टर पर एक ही एम्बुलेंस तैनात की है, लेकिन डिमांड बढ़ते ही ऐसी कई गाड़ियों को सड़कों पर उतारा जाएगा.

2040 तक 1 करोड़ रोबोट्स का बड़ा टारगेट

जापान सरकार का लक्ष्य है कि साल 2040 तक देश की हेल्थकेयर से लेकर मैन्युफैक्चरिंग जैसी अलग-अलग इंडस्ट्रीज में करीब 1 करोड़ रोबोट्स काम करें. अमेरिका और चीन से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच जापान का यह नया कदम काफी गेम-चेंजिंग माना जा रहा है. अगर इतनी बड़ी संख्या में रोबोट्स काम करेंगे, तो जाहिर सी बात है कि उनके खराब होने पर तुरंत रिपेयरिंग और एम्बुलेंस जैसी सर्विसेज की डिमांड भी बहुत तेजी से बढ़ने वाली है.
 

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