सुबह का वक्त आमतौर पर ऐसा होता है, जब शहरों में लोग काम पर निकलते हैं, सड़कें गाड़ियों से भरने लगती हैं और आसपास रोजमर्रा की हलचल दिखाई देती है. लेकिन अमेरिका में रहने वाली एक भारतीय महिला ने अपने वीडियो में ऐसा ही वक्त दिखाते हुए बिल्कुल अलग तस्वीर सामने रखी.
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में महिला कैमरा घुमाकर आसपास की सड़कों और रास्तों को दिखाती नजर आ रही है. वीडियो में सड़कें काफी शांत और खाली दिखाई देती हैं. इसी नजारे के जरिए वह अमेरिका में रहने के अपने अनुभव और विदेश की जिंदगी के उस पहलू की बात करती है, जिसके बारे में आमतौर पर कम चर्चा होती है.
महिला ने वीडियो में कहा कि आसपास नजर डालने पर उन्हें एक भी व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा. उन्होंने बताया कि इससे पहले उन्होंने शाम करीब 6 बजे का भी वीडियो बनाया था और अब सुबह करीब 9 बजे का नजारा दिखा रही हैं. उनके मुताबिक, सुबह 9 बजे भारत में जहां ऑफिस जाने वाले लोगों की आवाजाही और सड़कों पर चहल-पहल आम बात है, वहीं उन्हें यहां का माहौल काफी शांत दिखाई देता है. इसी तुलना के आधार पर उन्होंने अमेरिका में रहने के अपने अनुभव को लोगों के साथ शेयर किया.
महिला ने अपने वीडियो में अमेरिका के कई हिस्सों का जिक्र करते हुए दावा किया कि ऐसी शांति सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है. उन्होंने कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे शहरों का नाम लेते हुए कहा कि कुछ खास जगहों को छोड़ दें तो कई इलाकों में उन्हें इसी तरह का माहौल देखने को मिलता है. हालांकि, यह महिला का व्यक्तिगत अनुभव और दावा है. अमेरिका जैसे बड़े देश में अलग-अलग शहरों, इलाकों और समय के हिसाब से सड़कों की भीड़ काफी बदल सकती है. इसलिए किसी एक वीडियो के आधार पर पूरे देश की तस्वीर तय नहीं की जा सकती.
वीडियो में महिला ने सिर्फ खाली सड़कों की बात नहीं की. उन्होंने विदेश जाकर रहने के दौरान अकेलेपन की भावना पर भी अपनी राय रखी. उनका कहना था कि अमेरिका आने पर पैसे, घर और दूसरी सुविधाएं मिल सकती हैं, लेकिन लोगों का साथ मिलना उतना आसान नहीं होता. उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोगों से मुलाकात होती भी है तो हर किसी की अपनी जिंदगी और अपना टाइम होता है. यही बात उनके वीडियो का सबसे भावुक हिस्सा बन गई. उनके मुताबिक, दूर से विदेश की जिंदगी बहुत खूबसूरत लग सकती है, लेकिन वहां जाकर रोजमर्रा की जिंदगी जीने के बाद कई ऐसी चीजें सामने आती हैं, जिनका अंदाजा बाहर से नहीं लगाया जा सकता.
महिला ने अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे लोगों से यह भी कहा कि उन्हें वहां आने से पहले मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए. उनके मुताबिक, विदेश में रहना सिर्फ अच्छी कमाई या बेहतर सुविधाओं तक सीमित नहीं है. नए देश में परिवार और पुराने दोस्तों से दूर रहना, खुद अपनी जिम्मेदारियां संभालना और नए लोगों के साथ रिश्ते बनाना भी जिंदगी का हिस्सा होता है. इसलिए उनके वीडियो का फोकस सिर्फ अमेरिका की खाली सड़कें नहीं, बल्कि वहां की जिंदगी के उस अनुभव पर था, जो उन्हें अकेलापन महसूस कराता है.
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रखनी शुरू कर दी. कुछ यूजर्स ने महिला की बात से सहमति जताई और कहा कि पैसा और सुविधाएं इंसानी रिश्तों की जगह नहीं ले सकतीं. एक यूजर ने लिखा कि इस तरह की खामोशी किसी-किसी के लिए बहुत अकेली महसूस हो सकती है. दूसरे यूजर ने कहा कि पैसा इंसानी जुड़ाव की कमी पूरी नहीं कर सकता. वहीं कुछ लोगों ने सुबह 9 बजे इतनी खाली सड़कें देखकर हैरानी भी जताई.
पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया ने विदेश में रहने वाले भारतीयों की जिंदगी को बहुत करीब से देखने का मौका दिया है. कोई वहां की कमाई और सुविधाओं की बात करता है तो कोई काम के बेहतर माहौल और पब्लिक सर्विस की तारीफ करता है. वहीं कुछ लोग अकेलेपन, परिवार से दूरी और सामाजिक जिंदगी की कमी जैसे अनुभव भी शेयर करते हैं. यही वजह है कि अमेरिका की खाली सड़कों वाला यह वीडियो सिर्फ एक सड़क का वीडियो बनकर नहीं रह गया. लोगों ने इसे विदेश जाकर बसने से पहले वहां की जिंदगी को समझने की चर्चा से जोड़ दिया.
यहां यह समझना भी जरूरी है कि वीडियो में दिख रहा नजारा पूरे अमेरिका का प्रतिनिधित्व नहीं करता. किसी शहर के किसी खास इलाके में सुबह के समय सड़कें खाली हो सकती हैं, जबकि दूसरे इलाके में उसी वक्त काफी भीड़ हो सकती है. महिला ने अपने अनुभव के आधार पर अमेरिका के कई हिस्सों में ऐसा माहौल होने की बात कही है, लेकिन इस दावे की अलग से पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए वीडियो को उनके व्यक्तिगत अनुभव और नजरिए के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा.