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देखते ही रह जाएंगे: कहीं पानीपुरी-ड्राई फ्रूट्स से तैयार हुए बप्पा तो कहीं 60 हजार पौधों से सजी प्रतिमा; अनोखे पंडालों की तस्वीरें वायरल

गणेशोत्सव शुरू होते ही देशभर में गणपति बप्पा के अनोखे रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बन जाते हैं. कहीं 21 हजार पानीपुरी से 13 फुट ऊंचे गणपति तैयार किए गए हैं, तो कहीं ड्राई फ्रूट्स से बप्पा की प्रतिमा बनाई गई है. विशाखापट्टनम में 60 हजार पौधों से तैयार की गई इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा भी चर्चा में है. सोशल मीडिया पर इन अनोखे बप्पा की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Sep 17, 2026, 01:41 PM IST | Updated: Sep 17, 2026, 02:15 PM IST
Image Credit: बप्पा के अनोखे रूप!
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गणेश उत्सव सिर्फ पूजा और भक्ति का त्योहार नहीं है, बल्कि इस दौरान लोगों की क्रिएटिविटी भी खूब देखने को मिलती है. हर साल अलग-अलग शहरों में भक्त और कलाकार ऐसी गणेश प्रतिमाएं तैयार करते हैं, जिन्हें देखकर लोग कुछ देर के लिए रुकने पर मजबूर हो जाते हैं.

इस बार भी देश के अलग-अलग हिस्सों से गणपति बप्पा के ऐसे ही अनोखे रूप सामने आ रहे हैं. किसी ने खाने की चीजों को सजावट का हिस्सा बनाया है, तो किसी ने पौधों और नेचर को गणपति की थीम से जोड़ दिया है. इनकी तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी खूब शेयर किए जा रहे हैं.

पुणे में 21 हजार पानीपुरी वाले बप्पा

पुणे के एफसी रोड इलाके में तैयार किए गए एक गणपति ने सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान खींचा है. यहां गणेश भेल के संचालकों ने करीब 21 हजार पानीपुरी का इस्तेमाल करके भगवान गणेश की 13 फुट ऊंची विशाल प्रतिमा तैयार की है. इस मूर्ति की खास बात यह है कि दूर से देखने पर पूरी प्रतिमा पानीपुरी की बनी हुई नजर आती है. पानीपुरी के गोल आकार को गणपति के अलग-अलग हिस्सों की डिजाइन में इस्तेमाल किया गया है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर इसका वीडियो आते ही लोगों की नजर इस अनोखी प्रतिमा पर टिक गई.

 

 

दो महीने में तैयार हुई विशाल प्रतिमा

रिपोर्टों के मुताबिक, इस अनोखी गणेश प्रतिमा को रूपेश और दिनेश गुडमेवर ने तैयार किया है. इसे बनाने में करीब दो महीने का समय लगा. पानीपुरी जैसी नाजुक चीजों से बनी प्रतिमा को सुरक्षित रखना भी अपने आप में बड़ी चुनौती है. बताया गया कि मूर्ति की स्थापना के बाद इसकी निगरानी के लिए कारीगरों को लगातार तैनात रखा गया है. यानी बप्पा को तैयार करने के साथ-साथ उन्हें पूरे गणेश उत्सव के दौरान सुरक्षित रखना भी आयोजकों के लिए बड़ी जिम्मेदारी है.

पानीपुरी का नहीं होगा विसर्जन

इन गणपति की कहानी सिर्फ इसकी अनोखी डिजाइन तक ही सीमित नहीं है. आयोजकों ने यह भी तय किया है कि उत्सव खत्म होने के बाद 21 हजार पानीपुरी को पानी में विसर्जित नहीं किया जाएगा. इसके बजाय इन पानीपुरियों को जैविक खाद में बदलने की योजना है. मतलब जिस चीज से गणपति की प्रतिमा तैयार की गई है, उसे बाद में दूसरे काम में इस्तेमाल किया जाएगा. इस फैसले को प्रतिमा की क्रिएटिविटी के साथ पर्यावरण को ध्यान में रखने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है.

बिलासपुर में ड्राई फ्रूट्स से बने बप्पा

देश के दूसरे शहरों से भी गणपति की अनोखी तस्वीरें सामने आ रही हैं. बिलासपुर में ड्राई फ्रूट्स से तैयार की गई गणपति प्रतिमा चर्चा में है. काजू, बादाम और दूसरे ड्राई फ्रूट्स से सजी इस प्रतिमा ने लोगों का ध्यान खींचा है. गणपति की सजावट में आमतौर पर फूल, कपड़े, लाइट और दूसरी चीजों का इस्तेमाल होता है. ऐसे में ड्राई फ्रूट्स को ही बप्पा की प्रतिमा का हिस्सा बनाना लोगों को काफी अलग लग रहा है. सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं.

 

 

विशाखापट्टनम में 60 हजार पौधों वाले गणपति

विशाखापट्टनम से सामने आई गणपति की तस्वीर तो भक्ति के साथ पर्यावरण का मैसेज भी देती है. यहां करीब 60 हजार पौधों का इस्तेमाल करके गणपति की एक खास प्रतिमा तैयार की गई है. इस इको-फ्रेंडली गणपति को तैयार करने का मकसद लोगों को नेचर और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना भी बताया जा रहा है. हजारों पौधों से तैयार की गई इस विशाल रचना को देखने के लिए लोग पहुंच रहे हैं और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.

 

 

कहीं सिक्के तो कहीं अलग-अलग चीजों से सजे बप्पा

गणेश उत्सव के दौरान ऐसी कई प्रतिमाएं और सजावटें सामने आती हैं, जिनमें लोगों की अलग सोच दिखाई देती है. कहीं सिक्कों से गणपति को सजाया जाता है, तो कहीं फूलों, अनाज, खाने की चीजों या दूसरी अनोखी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. इन प्रयोगों की वजह से गणपति पंडाल सिर्फ पूजा की जगह नहीं रहते, बल्कि लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन जाते हैं. खासकर सोशल मीडिया के दौर में एक अनोखी प्रतिमा का वीडियो कुछ ही समय में हजारों लोगों तक पहुंच जाता है.

2026 में 14 सितंबर से शुरू हुआ गणेश उत्सव

साल 2026 में गणेश उत्सव 14 सितंबर से शुरू हुआ है और 25 सितंबर को गणपति विसर्जन के साथ इसका समापन होगा. महाराष्ट्र में इस त्योहार का खास उत्साह देखने को मिलता है. मुंबई, पुणे समेत कई शहरों में बड़े-बड़े पंडाल सजाए जाते हैं. घर से लेकर सोसाइटी और सार्वजनिक पंडालों तक लोग अपनी पसंद के हिसाब से गणपति बप्पा की स्थापना करते हैं. पारंपरिक मिट्टी की प्रतिमाओं के साथ अब इको-फ्रेंडली और अलग-अलग थीम पर तैयार किए गए गणपति भी लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं.

सोशल मीडिया पर छाए अनोखे बप्पा

गणेश उत्सव शुरू होते ही इन अनोखी प्रतिमाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं. लोग इनके डिजाइन, इस्तेमाल की गई चीजों और इन्हें तैयार करने में लगी मेहनत की तारीफ कर रहे हैं. खास बात यह है कि हर शहर में दिख रहा गणपति अपने आप में अलग है. पुणे के पानीपुरी वाले बप्पा जहां लोगों को चौंका रहे हैं, वहीं बिलासपुर के ड्राई फ्रूट्स वाले गणपति और विशाखापट्टनम के पौधों से बने बप्पा त्योहार में क्रिएटिविटी के अलग रंग दिखा रहे हैं.

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About the Author

संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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