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8 लेन का एक्सप्रेसवे और 120 की रफ्तार: 17 साल बाद भारत की सड़कों पर लौटी विदेशी ट्रैवलर, बोली- 'ये वो पहले वाला देश नहीं'

करीब 17 साल बाद भारत लौटी एक विदेशी ट्रैवलर को यहां की सड़कों पर ऐसा बदलाव देखने को मिला कि वह अपनी पुरानी यादों से इसकी तुलना करने लगी. कभी गड्ढों वाली सड़कों और रास्ते में साफ टॉयलेट न मिलने की चिंता के साथ सफर करने वाली इस महिला ने जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रा की, तो सड़क से लेकर रास्ते की सुविधाओं तक, सब कुछ बदला हुआ नजर आया. उसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है.

Written By Santosh Kumar Mishra
Published: Oct 13, 2026, 08:46 AM IST | Updated: Oct 13, 2026, 09:03 AM IST
Image Credit: @stayingboundless | 17 साल बाद भारत लौटी विदेशी महिला ने बताया, कितनी बदल गईं यहां की सड़कें!
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किसी जगह पर लंबे समय बाद लौटने पर पुरानी यादें अपने आप ताजा हो जाती हैं. वहां की सड़कें, बाजार और रास्ते में दिखने वाली छोटी-छोटी चीजें भी बीते वक्त की तस्वीर सामने ला देती हैं. भारत लौटी इस विदेशी महिला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. करीब 17 साल पहले जिस देश में सड़क से लंबा सफर करना उसे मुश्किल लगता था, वहां इस बार का अनुभव बिल्कुल अलग निकला.

इंस्टाग्राम हैंडल @stayingboundless पर शेयर किए गए वीडियो में महिला ने अपने सफर की झलकियां दिखाईं. वह जयपुर से दिल्ली की तरफ जाते समय दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नजर आने वाली सुविधाओं को देखकर हैरान थी. उसके लिए यह सिर्फ एक सड़क पर यात्रा करना नहीं, बल्कि इतने सालों में आए बदलाव को अपनी आंखों से देखना था.

पहले सड़क यात्रा के नाम से ही लगता था डर

महिला ने अपनी पोस्ट में पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि करीब 17 साल पहले भारत में सड़क से सफर करने के बारे में सोचकर ही वह परेशान हो जाती थी. उस समय गड्ढों वाली सड़कों पर गाड़ियां उछलती थीं और लंबे सफर के बाद शरीर थककर चूर हो जाता था. इसमें भी सबसे बड़ी परेशानी रास्ते में साफ-सुथरा टॉयलेट ढूंढने की होती थी. सफर के दौरान जरूरत पड़ने पर कहां रुकेंगे और वहां कैसी सुविधा मिलेगी, इस बात की चिंता भी बनी रहती थी. विदेशी महिला ने वीडियो में बताया कि उस समय लंबी सड़क यात्रा करना आज के मुकाबले काफी मुश्किल अनुभव था.

इस बार सड़क, टॉयलेट और कॉफी शॉप देखकर चौंकी

अब भारत पहुंचने पर महिला को रास्ते में कई ऐसी सुविधाएं दिखाई दीं, जिनकी उसने पुराने सफर के दौरान कल्पना भी नहीं की थी. एक्सप्रेसवे की चिकनी सड़कें, साफ वॉशरूम, फूड कोर्ट और कॉफी शॉप देखकर उसे काफी हैरानी हुई. लंबे सफर में सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि गाड़ी कितनी तेजी से मंजिल तक पहुंचती है. रास्ते में आराम करने, कुछ खाने और साफ टॉयलेट इस्तेमाल करने की सुविधा भी जरूरी होती है. महिला को इस बार इन बातों में काफी फर्क नजर आया. उसके लिए यह बदलाव इतना बड़ा था कि उसने अपने अनुभव को सोशल मीडिया पर शेयर किया.

 

 

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की क्यों हो रही चर्चा?

इस अनुभव के केंद्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे है, जो देश की बड़ी सड़क परियोजनाओं में शामिल है. करीब 1,350 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने के मकसद से तैयार किया जा रहा है. इसके पूरी तरह चालू होने पर दोनों शहरों के बीच सड़क से सफर का समय काफी कम होने की उम्मीद है. हालांकि, अभी पूरे एक्सप्रेसवे पर एक साथ यात्रा की सुविधा उपलब्ध नहीं है. अलग-अलग हिस्सों की स्थिति और रास्तों के हिसाब से सफर की प्लानिंग बनानी पड़ती है.

लंबी यात्रा में रास्ते की सुविधाएं भी अहम

एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय गाड़ी चलाने के अलावा आराम करने और जरूरी सामान लेने की सुविधा भी मायने रखती है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सड़क परियोजनाओं में रास्ते के किनारे सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. इन जगहों पर फूड कोर्ट, पेट्रोल पंप, टॉयलेट और दूसरी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है. इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशन जैसी सुविधाएं भी लंबी यात्रा में मददगार हो सकती हैं. हालांकि, हर सुविधा हर हिस्से पर मिल जाएं, यह भी जरूरी नहीं है. अभी कई प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है.

वीडियो देखकर लोगों ने भी शेयर किए अपने अनुभव

महिला का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी राय रखी. कुछ यूजर्स ने कहा कि देश में सड़क और हाईवे के क्षेत्र में आए बदलाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. एक यूजर ने लिखा कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है, लेकिन बदलाव की कोशिशें साफ दिखाई देती हैं. एक दूसरे यूजर ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि वह भी हाल ही में इस रास्ते से गुजरा था और रास्ते में कॉफी पीने के लिए रुका था. ऐसे कमेंट्स से पता चलता है कि हाईवे पर मिलने वाली सुविधाएं लोगों के यात्रा अनुभव का अहम हिस्सा बन रही हैं.

बदलाव के साथ बाकी चुनौतियों पर भी चर्चा

हालांकि, सोशल मीडिया पर हर कोई सिर्फ तारीफ करता नजर नहीं आया. कुछ लोगों ने कहा कि बड़े एक्सप्रेसवे बनना अच्छी बात है, लेकिन देश की दूसरी सड़कों और बुनियादी सुविधाओं पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है. ग्रामीण इलाकों की सड़कें, कचरा प्रबंधन और ड्रेनेज जैसी समस्याएं भी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हैं. ऐसे में विकास का फायदा तभी ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा, जब बड़े हाईवे के साथ स्थानीय स्तर पर भी सुविधाएं बेहतर होंगी.

17 साल बाद मिला भारत का बदला हुआ चेहरा

इस वीडियो में विदेशी ट्रैवलर का यह अनुभव बताता है कि किसी देश में बदलाव को समझने के लिए हमेशा बड़े आंकड़ों की जरूरत नहीं होती. कभी-कभी सड़क पर बिताए कुछ घंटे भी बहुत कुछ बता देते हैं. जिस सफर को लेकर कभी उसे चिंता होती थी, वही इस बार उसके लिए हैरानी और खुशी का अनुभव बन गया. भारत में कहीं मॉडर्न एक्सप्रेसवे हैं, तो कहीं अब भी बेहतर सड़कों और सुविधाओं की जरूरत है. फिर भी, 17 साल बाद लौटकर इस ट्रैवलर ने जो बदलाव महसूस किया, उसने एक बार फिर देश में सड़क यात्रा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा शुरू कर दी है.

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About the Author

संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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